Hindi News

खरमास में नहीं किए जाते शुभ काम, जानें कब शुरू होगा ये महीना, किन बातों का रखना है ध्यान

Written by:Diksha Bhanupriy
Published:
खरमास एक ऐसा महीना है जब कोई भी शुभ या मांगलिक कार्य नहीं किया जाता। चलिए जान लेते हैं कि यह महीना कब शुरू हो रहा है और किन बातों का ध्यान रखना जरूरी है।
खरमास में नहीं किए जाते शुभ काम, जानें कब शुरू होगा ये महीना, किन बातों का रखना है ध्यान

हिंदू धर्म में अलग-अलग महीने बताए गए हैं। इन सभी महीनों का अपना महत्व है और इनमें अलग-अलग धार्मिक कार्य और अनुष्ठान भी किए जाते हैं। जब सूर्य देव बृहस्पति की राशि मीन और धनु में प्रवेश करते हैं तब खरमास (Kharmas 2025) शुरू होता है। यह ऐसा समय होता है जो लगभग 1 महीने का होता है और इस समय मांगलिक कार्य नहीं किए जाते हैं।

धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक खरमास के दौरान कोई भी शुभ काम नहीं किया जाता है। इस वक्त यह घर काम का पूरा फल नहीं मिलता है। चलिए हम आपको बता देते हैं कि खरमास कब शुरू होगा और कब खत्म होगा। साथ ही आपको किन बातों का ध्यान रखना है।

कब शुरू होगा खरमास (Kharmas 2025)

धनु संक्रांति 16 दिसंबर को है और इसी दिन से खरमास की शुरुआत हो जाएगी। इसका समापन मकर संक्रांति यानी की 14 जनवरी 2026 को होगा।

क्यों नहीं होते शुभ काम

जब सूर्य देव धनु या मीन राशि में प्रवेश करते हैं तो उनकी ऊर्जा काफी कम हो जाती है। सूर्य को कानून की सफलता का कारक माना गया है और बृहस्पति शुभता और मांगलिक कार्यों का कारक है। धनु राशि का स्वामी ग्रह बृहस्पति है। ऐसे में जब सूर्य का प्रवेश धनु राशि में होता है तो सूर्य और गुरु का योग बनता है। जिसकी वजह से गुरु की शुभता कुछ समय के लिए कमजोर हो जाती है। यही कारण है कि खरमास में कोई भी शुभ कार्य और मांगलिक कार्यक्रम नहीं किया जाता।

निपटा लें ये काम

  • खरमास शुरू होने से पहले अगर कोई विवाह करना शुरू होता है तो उसे पूरा कर लेना चाहिए।
  • अगर नए घर में प्रवेश करना है तो खरमास के पहले का कोई शुभ मुहूर्त देख सकते हैं।
  • कोई भी नया काम या व्यापार शुरू करना है या फिर बड़ा निवेश करना चाहते हैं तो इस महीने की शुरू होने से पहले करें।
  • बच्चों का मुंडन या जनेऊ जैसे संस्कार भी इस महीने में नहीं किए जाते हैं।

इन बातों का रखें ध्यान

खरमास में शुभ कार्य पूरी तरह से बंद होते हैं। हालांकि यह समय पूजन पाठ, दान धर्म, तीर्थ यात्रा और धार्मिक अनुष्ठानों के अनुरूप माना गया है। इस समय सूर्य देव और भगवान विष्णु की पूजन जरूर करें। दान करने से आपको शुभ परिणामों की प्राप्ति होगी।

Disclaimer- यहां दी गई सूचना सामान्य जानकारी के आधार पर बताई गई है। इनके सत्य और सटीक होने का दावा MP Breaking News नहीं करता।

Diksha Bhanupriy
लेखक के बारे में
"पत्रकारिता का मुख्य काम है, लोकहित की महत्वपूर्ण जानकारी जुटाना और उस जानकारी को संदर्भ के साथ इस तरह रखना कि हम उसका इस्तेमाल मनुष्य की स्थिति सुधारने में कर सकें।” इसी उद्देश्य के साथ मैं पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में काम कर रही हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है। मैं कॉपी राइटिंग, वेब कॉन्टेंट राइटिंग करना जानती हूं। मेरे पसंदीदा विषय दैनिक अपडेट, मनोरंजन और जीवनशैली समेत अन्य विषयों से संबंधित है। View all posts by Diksha Bhanupriy
Follow Us :GoogleNews