Hindi News

वाराणसी में होती है दुनिया की सबसे विशाल आरती, खुद भगवान विष्णु होते हैं साक्षी!

Written by:Sanjucta Pandit
Published:
वर्ल्ड की सबसे विशाल आरती 2 घंटे चलने वाली आरती बनारस के शीतला घाट पर साल में सिर्फ एक बार रात के 2:30 बजे शुरू की जाती है, जिसमें मंदिर के महंत जी द्वारा आरती की जाती है।
वाराणसी में होती है दुनिया की सबसे विशाल आरती, खुद भगवान विष्णु होते हैं साक्षी!

भारत के उत्तर प्रदेश में स्थित वाराणसी शहर अपने आप में बहुत ही महत्वपूर्ण है। यहां देश ही नहीं, बल्कि दुनिया भर के लोग पहुंचते हैं। सालों भर यहां पर श्रद्धालुओं का आना-जाना लगा रहता है। वाराणसी में बहती हुई गंगा की घाट पर लोग स्नान करते हैं, ऐसी मान्यता है कि मां गंगा की पवित्र नदी में स्नान करने से भक्ति के सारे पाप धुल जाते हैं और यहां से उनके मोक्ष के रास्ते खुलने लगते हैं। वाराणसी को पहले बनारस के नाम से जाना जाता था, इससे कई सालों पहले इसे काशी विश्वनाथ भी कहा जाता है। आज भी लोग इस स्थान को काशी विश्वनाथ के नाम से ही जानते हैं। भगवान शिव की नगरी काशी पूरी दुनिया में विख्यात है।

यहां की आरती को देखने के लिए लोग दूर-दराज से आते हैं। यहां की संकरी गलियों में आपको भगवान शिव के वास का एहसास होगा। यहां सालों भर आधयात्मिक माहौल बना रहता है। पर्व-त्योहार पर लोगों में अलग ही उत्साह देखने को मिलता है।

रहस्यों से भरपूर

बनारस शहर अपने आप में कई सारे रहस्यों से भरा हुआ है। कहते हैं कि देव दीपावली के शुभ अवसर पर यहां भाव कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं, जब धरती पर सभी देवी-देवता प्रकट होते हैं। इस खास मौके पर पूरे शहर को दीपों से सजा दिया जाता है। यहां का पान, साड़ी इत्यादि सब कुछ काफी ज्यादा प्रसिद्ध है। यहां पर बहुत सारे घाट बनाए गए हैं, इन सभी का अलग-अलग महत्व है। इस शहर में देवाधिदेव महादेव की पूजा-अर्चना की जाती है। वहीं, मृत्यु के बाद लोगों के शरीर को यहां पर जलाने से उन्हें मोक्ष की प्राप्ति होती है, ऐसा धार्मिक ग्रंथों में बताया गया है। इसलिए अक्सर लोगों की यह अंतिम इच्छा भी होती है कि दुनिया को अलविदा कहने के बाद उनके शरीर को वहीं पर जलाया जाए।

दुनिया की सबसे विशाल आरती

आज हम आपको शीतला घाट पर होने वाली विशाल आरती के बारे में बताएंगे, जो कि साल में सिर्फ एक बार रात के 2:30 बजे शुरू की जाती है, जिसमें मंदिर के महंत जी द्वारा आरती की जाती है, जिसमें भगवान विष्णु स्वयं शामिल होने के लिए आते हैं, जिसका एहसास मंदिर में रहने वाले हर एक इंसान को होता है। इस आरती को दुनिया की सबसे विशाल आरती कहा जाता है। इस आरती का मुख्य उद्देश्य मां शीतला को प्रसन्न करना है। चारों ओर डमरू की गड़गड़ाहट और घंटे की ध्वनि सुनाई देती है, जिससे ऐसा लगता है कि मानो क्षण भर के लिए साक्षात भगवान ही प्रकट हो गए हैं।

आप भी जाएं

इतिहासकारों की मानें तो शीतला घाट पर मां को खुश करने की यह परंपरा सदियों से निभाई जा रही है। इसके साक्षी काफी लोग रह चुके हैं। साल में होने वाली इस विशाल आरती के लिए लोग इंतजार करते हैं। इस खास मौके पर शीतला घाट में पुलिस प्रशासन द्वारा सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए जाते हैं, ताकि किसी भी प्रकार की कोई अनहोनी ना हो। यदि आपको कभी मौका मिले तो आप भी इस आरती में शामिल होने जरूर जाएं।

(Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है। MP Breaking News किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।)

Sanjucta Pandit
लेखक के बारे में
मैं संयुक्ता पंडित वर्ष 2022 से MP Breaking में बतौर सीनियर कंटेंट राइटर काम कर रही हूँ। डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन और बीए की पढ़ाई करने के बाद से ही मुझे पत्रकार बनना था। जिसके लिए मैं लगातार मध्य प्रदेश की ऑनलाइन वेब साइट्स लाइव इंडिया, VIP News Channel, Khabar Bharat में काम किया है। पत्रकारिता लोकतंत्र का अघोषित चौथा स्तंभ माना जाता है। जिसका मुख्य काम है लोगों की बात को सरकार तक पहुंचाना। इसलिए मैं पिछले 5 सालों से इस क्षेत्र में कार्य कर रही हुं। View all posts by Sanjucta Pandit
Follow Us :GoogleNews