चैत्र नवरात्रि की महाअष्टमी आज, माता महागौरी को करें प्रसन्न, ऐसे करें कन्या पूजन

आज नवरात्रि का आठवां दिन महाष्टमी है। इस दिन माता महागौरी और कन्यापूजन का विधान है। चलिए पूजन विधि और भोग जान लेते हैं।
Maha Ashtami

आज चैत्र नवरात्रि की महाष्टमी है , जिसे नवदुर्गा का सबसे महत्वपूर्ण दिन माना गया है। दुर्गाष्टमी पर माता के महागौरी स्वरूप की पूजन अर्चन की जाती है। उनकी पूजन अर्चन करने से व्यक्ति के जीवन के सारे कष्ट दूर हो जाते हैं।

महाअष्टमी पर माता की पूजन करने के साथ कन्या पूजन करने का भी विधान है। चलिए आपको बता देते हैं कि आज माता महागौरी और कन्याओं का पूजन आपको कैसे करना है। साथ ही किस चीज का भोग लगाने से माता प्रसन्न होंगी।

कैसे करें महागौरी की पूजन (Maha Ashtami)

  • सुबह जल्दी उठने के बाद स्नान कर स्वच्छ कपड़े धारण करें।
  • अब आपको माता महागौरी की प्रतिमा या तस्वीर को स्नान करवाना होगा। ये स्नान शुद्ध जल और गंगाजल से करवाया जाता है।
  • अब माता को सफेद वस्त्र पहनाकर उन्हें। कुमकुम, हल्दी, रोली, अक्षत और पुष्प चढ़ा दें।
  • मिठाई, फल और पंचमेवा का भोग लगाएं।
  • अब आपको महागौरी के मंत्रों का जाप कर उनकी आरती करनी होगी।

महागौरी की पूजन का महत्व

माता महागौरी शांति और ज्ञान की देवी हैं। जो भक्त उनकी पूजन करता है उसे सुख, समृद्धि शांति और ज्ञान की प्राप्ति होती है। अगर आप किसी प्रकार के कष्टों का सामना कर रहे हैं तो माता की आराधना जरूर करनी चाहिए। महागौरी की पूजन से वैवाहिक जीवन में सुख शांति बनी रहती है। माता अपने भक्तों की बुरी शक्तियों से रक्षा करती हैं।

माता का प्रिय पुष्प

महाष्टमी पर माता महागौरी की पूजन करते समय उन्हें सफेद फूल जरूर अर्पित करें। सफेद फूल उन्हें बहुत पसंद है। अपने मोगरा और रात की रानी का फूल अर्पित कर सकते हैं।

माता का प्रिय भोग

महाअष्टमी पर माता को हलवा, पूड़ी, खीर और काले चने का भोग लगाएं। ये माता की प्रिय चीजें हैं। इनका भोग लगाने से सुख, समृद्धि और तरक्की का आशीर्वाद प्राप्त होगा।

कन्या पूजन का मुहूर्त

नवरात्रि पर कन्या पूजन को माता की आराधना के सामान माना गया है। आज कन्या पूजन का शुभ मुहूर्त 11 बजकर 59 मिनट से 12 बजकर 29 मिनट तक है।

कैस करें कन्या पूजन

आपको कन्याओं को आमंत्रित करने के बाद पुष्प वर्षा से उनका स्वागत करना है। इसके बाद दूध से भरे थाल में कन्याओं के पैर अपने हाथों से धोएं। अब इन्हें कुमकुम और अक्षत लगाएं और उनका आशीर्वाद लें। अब कन्याओं को उनकी इच्छा के मुताबिक भोजन करवाएं। अपने सामर्थ्य के अनुसार उन्हें भेंट और उपहार दें।

डिस्क्लेमर – इस लेख में दी गई सूचनाएं सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है। एमपी ब्रेकिंग इनकी पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ की सलाह लें।

Diksha Bhanupriy
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10 वर्षों का पत्रकारिता अनुभव, डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में.

"पत्रकारिता का मुख्य काम है, लोकहित की महत्वपूर्ण जानकारी जुटाना और उस जानकारी को संदर्भ के साथ इस तरह रखना कि हम उसका इस्तेमाल मनुष्य की स्थिति सुधारने में कर सकें।” इसी उद्देश्य के साथ मैं पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में काम कर रही हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है। मैं कॉपी राइटिंग, वेब कॉन्टेंट राइटिंग करना जानती हूं। मेरे पसंदीदा विषय दैनिक अपडेट, मनोरंजन और जीवनशैली समेत अन्य विषयों से संबंधित है। View all posts by Diksha Bhanupriy →
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