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भोलेनाथ को प्रसन्न करना है तो महाशिवरात्रि पर इन गलतियों से रहें दूर

Written by:Bhawna Choubey
Published:
महाशिवरात्रि 2026 पर शिवलिंग पूजा और व्रत में की जाने वाली छोटी-छोटी गलतियां आपके पुण्य को कम कर सकती हैं। जानें किन चीज़ों से बचें और कैसे सही विधि से भोलेनाथ को प्रसन्न करें।
भोलेनाथ को प्रसन्न करना है तो महाशिवरात्रि पर इन गलतियों से रहें दूर

महाशिवरात्रि हिंदू धर्म का एक अत्यंत पावन पर्व है, जिसे हर साल बड़े श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया जाता है। मान्यता है कि इसी दिन भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह हुआ था। इस दिन भक्त रात्रि जागरण करते हैं, शिवलिंग पर जल-अभिषेक करते हैं और विशेष व्रत रखते हैं।

साल 2026 में महाशिवरात्रि का पर्व 15 फरवरी को मनाया जाएगा। इस दिन शिवलिंग की पूजा-विधि में की जाने वाली छोटी-छोटी गलतियां पुण्य की जगह दोष ला सकती हैं। इसलिए हर भक्त को पूजा के दौरान सावधानी रखनी जरूरी है। आइए जानते हैं महाशिवरात्रि के दिन कौन-सी गलतियां बिल्कुल भी नहीं करनी चाहिए।

महाशिवरात्रि 2026 पर शिवलिंग पूजा में न करें ये चीज़ें

1. केतकी के फूल न चढ़ाएं

पुराणों के अनुसार भगवान शिव ने केतकी के फूल को अपनी पूजा से वर्जित कर दिया था। इसलिए भूलकर भी इसे शिवलिंग पर न अर्पित करें।

2. सिंदूर और कुमकुम का प्रयोग न करें

शिवजी वैरागी हैं। सिंदूर और कुमकुम आमतौर पर सौभाग्य के प्रतीक होते हैं, लेकिन उनकी पूजा में इसका प्रयोग नहीं किया जाता। इसके स्थान पर भस्म का इस्तेमाल करें।

3. तुलसी का इस्तेमाल न करें

भगवान शिव की पूजा में तुलसी वर्जित है। तुलसी के स्थान पर बेलपत्र का प्रयोग करना शुभ माना जाता है।

4. हल्दी चढ़ाना मना है

हल्दी स्त्री सौंदर्य से जुड़ी मानी जाती है, जबकि शिवलिंग पुरुष तत्व का प्रतीक है। अतः शिवलिंग पर हल्दी का प्रयोग न करें।

बेलपत्र अर्पण करते समय ध्यान रखें

हमेशा तीन पत्तियों वाला बेलपत्र ही चढ़ाएं। पत्तियां कहीं से कटी-फटी या सूखी न हों। बेलपत्र का चिकना हिस्सा शिवलिंग की ओर होना चाहिए। बेलपत्र के सही प्रयोग से शिवजी की विशेष कृपा प्राप्त होती है।

जलाभिषेक और सामग्री का सही चुनाव

1. शंख का प्रयोग न करें

शिव पूजा में शंख का प्रयोग वर्जित है। इसके स्थान पर तांबे या पीतल के लोटे से जल अर्पित करें।

2. जलाधारी की ओर से परिक्रमा

शिवलिंग की परिक्रमा करते समय जलाधारी या निर्मली भाग से वापस लौटें। इसे लांघना अशुभ माना जाता है।

खान-पान और व्यवहार पर सावधानियां

तामसिक भोजन जैसे प्याज, लहसुन, मांस और शराब से परहेज करें। पूजा के समय काले कपड़े पहनने से बचें। हरा, सफेद या पीला शुभ माना जाता है। दिनभर मन शांत रखें, किसी का अपमान या झगड़ा न करें।

महाशिवरात्रि व्रत की सही विधि और समय

इस वर्ष 15 फरवरी को महाशिवरात्रि का व्रत रखा जाएगा। सुबह से ही व्रत प्रारंभ करके रात्रि जागरण करना चाहिए। शिवलिंग पर जलाभिषेक और बेलपत्र अर्पण के साथ मंत्रों का उच्चारण करना शुभ माना जाता है। रात्रि के समय शिवजी की पूजा विशेष होती है, इस दौरान व्रती पूरी तरह से संयमित और शांतिपूर्ण रहे।