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कब है नर्मदा जयंती 2026? जानें शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और माँ नर्मदा के दर्शन का महत्व

Written by:Bhawna Choubey
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मां नर्मदा की जयंती मध्य प्रदेश का सबसे बड़ा धार्मिक पर्व माना जाता है। साल 2026 में नर्मदा जयंती कब है, कौन-सी तिथि सबसे शुभ है, कौन से योग बन रहे हैं और इस दिन स्नान-दान का क्या महत्व है, यह पूरी जानकारी यहां विस्तार से पढ़ें।
कब है नर्मदा जयंती 2026? जानें शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और माँ नर्मदा के दर्शन का महत्व

मध्य प्रदेश की जीवनरेखा कही जाने वाली मां नर्मदा केवल एक नदी नहीं, बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र हैं। हर साल माघ महीने में जब नर्मदा जयंती आती है, तब अमरकंटक से लेकर ओंकारेश्वर, महेश्वर, होशंगाबाद और जबलपुर तक पूरा नर्मदा तट भक्तिमय माहौल में डूब जाता है। घाटों पर दीप जलते हैं, भजन-कीर्तन गूंजते हैं और हजारों श्रद्धालु मां नर्मदा में आस्था की डुबकी लगाते हैं।

साल 2026 में नर्मदा जयंती को लेकर अभी से तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। श्रद्धालु यह जानना चाहते हैं कि इस बार नर्मदा जयंती कब है, कौन-सी तिथि सबसे शुभ मानी जा रही है और इस दिन पूजा-पाठ करने से क्या लाभ मिलता है। हम यहां नर्मदा जयंती 2026 से जुड़ी हर जरूरी जानकारी आसान भाषा में विस्तार से दे रहे हैं।

नर्मदा जयंती 2026 कब है? जानिए सही तारीख और तिथि

हिंदू पंचांग के अनुसार, नर्मदा जयंती हर साल माघ माह के कृष्ण पक्ष की सप्तमी तिथि को मनाई जाती है। साल 2026 में यह तिथि 25 जनवरी 2026, रविवार को पड़ रही है। इसी दिन पूरे विधि-विधान से मां नर्मदा की जयंती मनाई जाएगी।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इसी तिथि को मां नर्मदा का धरती पर अवतरण हुआ था। इसलिए इस दिन नर्मदा स्नान, पूजा-अर्चना और दान का विशेष महत्व माना जाता है। नर्मदा जयंती के दिन नर्मदा परिक्रमा करने वाले साधु-संतों और श्रद्धालुओं के लिए भी यह दिन बेहद खास होता है, क्योंकि कई परिक्रमा इसी दिन पूर्ण होती हैं।

मध्य प्रदेश में नर्मदा जयंती का विशेष महत्व

नर्मदा जयंती का सबसे ज्यादा महत्व मध्य प्रदेश में माना जाता है, क्योंकि मां नर्मदा का उद्गम यहीं अमरकंटक में हुआ था। अमरकंटक को मां नर्मदा का मायका कहा जाता है। नर्मदा जयंती के दिन यहां विशेष मेले, धार्मिक आयोजन और भव्य आरती का आयोजन किया जाता है।

ओंकारेश्वर में ज्योतिर्लिंग दर्शन के साथ मां नर्मदा की पूजा होती है। महेश्वर, होशंगाबाद और जबलपुर में भी घाटों को सजाया जाता है। लाखों श्रद्धालु नर्मदा नदी में स्नान कर पुण्य लाभ प्राप्त करते हैं। प्रशासन की ओर से भी सुरक्षा और व्यवस्थाओं को लेकर विशेष इंतजाम किए जाते हैं।

Disclaimer: यहां दी गई सूचना केवल एक सामान्य जानकारी है। उपयोग करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। MP Breaking News इसकी पुष्टि नहीं करता।