
Paush Purnima 2024: सनातन धर्म में पौष पूर्णिमा का विशेष महत्व होता है। यह दिन माता लक्ष्मी को समर्पित होता है। इस बार 25 जनवरी को पौष-पूर्णिमा का व्रत रखा जाएगा। पूर्णिमा तिथि बुधवार रात 9:49 बजे लेकर 25 जनवरी रात 11:23 बजे रहेगा। इस दिन 6 अद्भुत संयोग बन रहे हैं- गुरु पुष्य योग, सवार्थ सिद्धि योग, प्रीति योग, अमृत सिद्धि योग, त्रिग्रही योग और रवि योग। पौष पूर्णिमा के दिन पीपल के पत्ते से जुड़े कुछ उपायों को करना बहुत शुभ माना जाता है। आइए एक नजर इन उपायों पर डालें-
माँ लक्ष्मी होंगी प्रसन्न, पीपल के पत्ते पर लिखें यह मंत्र
पौष पूर्णिमा की सुबह एक पीपल के पत्ते को गंगाजल में डुबोकर रख दें। रात में चंद्रमा की पूजा के दौरान इस पत्ते पर लाल चंदन से माँ लक्ष्मी का बीजमंत्र “श्री” लिखें और माँ लक्ष्मी के चरणों में चढ़ा दें। ऐसा करने धन-धान्य में वृद्धि होती है।
कभी नहीं होगी धन-अन्न की कमी, करें यह काम
पूर्णिमा के दिन एक पीपल के पत्ते को अच्छे से धो लें, इसपर इत्र लगाएं। “ॐ श्रींहीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद श्रीं हीं श्रीं ॐ महालक्ष्मी नमः” मंत्र को लिखें और इसे तिजोरी में रख दें। ऐसा करने से अन्न-धन की कभी नहीं होती। 5 शुक्रवार से पहले पीपल के पत्ते (सूखने से पहले) को बदलना न भूलें।
पीपल के पत्ते पर बाँधें लाल कलावा
पूर्णिमा के दिन पीपल के पत्ते पर लाल कलावा बांधकर इसे लाल रंग के कपड़े में लपेटकर मंदिर में जाकर रख दें। इस दौरान माँ लक्ष्मी के मंत्रों का जाप अवश्य करें।
ऐसे करें पीपल के पेड़ की पूजा
पूर्णिमा के दिन पीपल पेड़ की जुड़ा करना बहुत शुभ माना जाता है। पूजा के दौरान पीपल के पेड़ के जड़ों में कच्चा दूध और जल अर्पित करें। आटे और घी का दीपक जलाएं। ऐसा करने से नकात्मकता दूर होती है। माँ लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं।
(Disclaimer: इस आलेख का उद्देश्य केवल सामान्य जानकारी साझा करना है, जो पंचांग, ग्रंथों, मान्यताओं और विभिन्न माध्यमों पर आधारित है। MP Breaking News इन बातों के सत्यता और सटीकता की पुष्टि नहीं करता।)

