
शनि देव एक ऐसी भगवान है जिन्हें न्याय के देवता के तौर पर देखा जाता है। व्यक्ति को अपने जीवन में अच्छे और बुरे कर्मों का जो फल प्राप्त होता है वह उसे शनिदेव ही प्रदान करते हैं। फिलहाल वह मीन राशि में विराजित है और जल्द ही इसी राशि में वक्री हो जाएंगे। शनि का यह परिवर्तन कई लोगों पर अलग-अलग असर डालने का काम करेगा।
शनि देव एक ऐसे देवता हैं जो अगर शुभ फल दें तो व्यक्ति की जिंदगी को बदल देते हैं। वहीं अगर अशुभ फल दें तो जीना मुश्किल हो सकता है। जिन लोगों की कुंडली में शनि की महादशा, साढ़ेसाती और ढैया चल रही हो, उन्हें काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इस दौरान जितने भी अच्छे और बुरे कर्म है उनके अनुसार हमें परिणाम मिलते हैं। हालांकि कुछ उपाय से हम कष्टों से बच सकते हैं।
शनिदेव को कैसे करें प्रसन्न (Shani Dev)
शनि भगवान का प्रिय दिन शनिवार होता है क्योंकि यह उनके नाम पर ही रखा गया है। कष्टों से बचने के लिए अगर इस दिन कुछ उपाय कर लिया जाए तो शुभ परिणाम प्राप्त हो सकते हैं। इन उपायों को करने से भगवान प्रसन्न होते हैं और शुभ परिणाम भी देते हैं। ये उपाय आपको सूर्यास्त के बाद करने होंगे।
करें ये उपाय
- शनि देव को प्रसन्न करने के लिए शनि चालीसा और हनुमान चालीसा का पाठ करें। इस शुभ परिणाम प्राप्त होते हैं और जितने भी कष्ट होते हैं वह दूर हो जाते हैं। शनि की साढ़ेसाती और महादशा का अच्छा परिणाम मिलता है।
- शनिवार को पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाएं। इससे न्याय के देवता प्रसन्न होते हैं और जीवन की नकारात्मकता को दूर कर देते हैं।
- काले कुत्ते को उड़द की दाल के पकोड़े बनाकर खिलाएं। इससे कुंडली में जो भी दोष चल रहा है उसका प्रभाव कम हो जाता है।
- सरसों का तेल कटोरी में भरें और उसमें अपना चेहरा देखें। अब आपको इसे भगवान शनि के चरणों में अर्पित करना है और किसी को दान में कुछ देना है। यह उपाय कुंडली में मौजूद तमाम बुरे दोषों को दूर करने का काम करता है।
डिस्क्लेमर – इस लेख में दी गई सूचनाएं सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है। एमपी ब्रेकिंग इनकी पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ की सलाह लें।
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