मेष राशि पर 2032 तक रहेगा शनि की साढ़ेसाती का असर, जानें कैसा गुजरेगा आने वाला समय

इस साल मेष राशि में शनि की साढ़ेसाती शुरू हो चुकी है। यह 7 साल इस राशि के लोगों के लिए बहुत महत्वपूर्ण साबित होने वाले हैं। धैर्य और समझ के साथ आगे बढ़ना होगा तो शुभ परिणाम नजर आएंगे।
Shani Sade Sati

ग्रह नक्षत्र की स्थिति परिवर्तित होने के साथ अलग-अलग योग भी निर्मित होते हैं। शनि एक ऐसा ग्रह है, जिसे कर्म फल का दाता कहा जाता है। यह व्यक्ति को उसके कर्मों के मुताबिक फल देता है। शनि के दो योग चलते हैं जिनमें से एक ढैया और दूसरा साढ़ेसाती (Shani Sade Sati) होता है। इनका व्यक्ति के जीवन पर अलग-अलग असर देखने को मिलता है।

साल 2025 में मेष राशि पर शनि की साढ़ेसाती की शुरुआत हो चुकी है। साल 2032 तक इसका प्रभाव इस राशि के लोगों पर रहने वाला है। यह साल व्यक्ति के जीवन के सबसे महत्वपूर्ण दौर में से एक होते हैं। इस दौरान उसे कई तरह की चुनौतियों का सामना भी करना पड़ता है। जो व्यक्ति धैर्य, समझ और मजबूत निर्णय क्षमता के साथ आगे बढ़ता है। उसे शुभ परिणाम भी मिलते हैं। चलिए जान लेते हैं की मेष राशि के लिए यह समय कैसा रहने वाला है।

मेष राशि पर शनि साढ़ेसाती के चरण (Shani Sade Sati)

पहला चरण

साढ़ेसाती के पहले चरण की बात करें तो यह उदय कहलाता है जो व्यक्ति के मन पर असर डालता है। इस समय मेष राशि के लोगों को बिना वजह किसी न किसी बात की चिंता, बेचैनी या फिर मानसिक दबाव महसूस होगा। कई बार योजनाएं बनाएंगे लेकिन उसे पर सहमत नहीं हो पाएंगे। नींद की कमी या ओवर थिंकिंग परेशान करेगी। यह समय खुद को समझने और अपनी सोच को साफ करने का है। प्राथमिकताएं क्या है और किस दिशा में आगे जाना है यह देखना होगा।

दूसरा चरण

दूसरा चरण 2027 से 2029 के बीच का रहने वाला है। यह सबसे कठिन समय होता है। इस समय व्यक्ति को पैसा कम और सेहत तीनों में उतार-चढ़ाव देखना पड़ता है। मेहनत ज्यादा होने लगती है और नतीजा कम मिलते हैं। जिम्मेदारियां बढ़ जाती है और रिश्ते में दबाव महसूस होने लगता है। वैसे जो संभल जाए यह समय उस इंसान को सबसे ज्यादा मजबूत बना देता है। किस पर भरोसा करें किस दूर रहें क्या अच्छा है क्या बुरा इस समय में व्यक्ति को सब कुछ सीखने को मिलता है।

तीसरा चरण

तीसरा चरण 2029 से 2032 तक रहने वाला है। यह व्यक्ति के सुधार का समय है जो उसे बेहतर बनाने में मदद करता है। जो काम पहले रुके थे वह धीरे-धीरे बनने लगते हैं। आर्थिक स्थिति मजबूत होने लगती है और काम में स्थिरता आती है। रिश्तो का तनाव भी कम हो जाता है। यह व्यक्ति की आत्मविश्वास में वृद्धि करता है जिससे वह सारे काम अच्छी तरह पूरे कर पता है। इस समय तक आते-आते व्यक्ति यह जान लेता है कि कठिन दौर ने उसे मजबूत बना दिया है।

Disclaimer- यहां दी गई सूचना सामान्य जानकारी के आधार पर बताई गई है। इनके सत्य और सटीक होने का दावा MP Breaking News नहीं करता।

Diksha Bhanupriy
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10 वर्षों का पत्रकारिता अनुभव, डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में.

"पत्रकारिता का मुख्य काम है, लोकहित की महत्वपूर्ण जानकारी जुटाना और उस जानकारी को संदर्भ के साथ इस तरह रखना कि हम उसका इस्तेमाल मनुष्य की स्थिति सुधारने में कर सकें।” इसी उद्देश्य के साथ मैं पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में काम कर रही हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है। मैं कॉपी राइटिंग, वेब कॉन्टेंट राइटिंग करना जानती हूं। मेरे पसंदीदा विषय दैनिक अपडेट, मनोरंजन और जीवनशैली समेत अन्य विषयों से संबंधित है। View all posts by Diksha Bhanupriy →
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