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Mahakumbh 2025: महाकुंभ के लिए खास App लॉन्च, श्रद्धालु आज ही कर लें इंस्टॉल, स्मार्टफोन पर मिलेगी सारी जानकारी 

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रेलवे ने महाकुंभ स्पेशल ऐप और वेब पोर्टल लॉन्च किया है। स्मार्टफोन पर ही मेले से संबंधित जारी जानकार श्रद्धालु प्राप्त कर पाएंगे। आइए जानें ऐप में कौन-कौन सी सुविधा मिलती है?
Mahakumbh 2025: महाकुंभ के लिए खास App लॉन्च, श्रद्धालु आज ही कर लें इंस्टॉल, स्मार्टफोन पर मिलेगी सारी जानकारी 

Mahakumbh 2025: दिव्य और भव्य प्रयागराज महाकुंभ की शुरुआत 13 जनवरी से होने वाली है। त्रिवेणी संगम पर 40 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं आ सकते हैं। जोरों-शोरों से तैयारी चल रही है। रेलवे ने श्रद्धालुओं की मदद के लिए भारतीय रेलवे ने नया और खास ऐप लॉन्च किया है। इसका नाम “कुंभ रेल सेवा ऐप” है।

इस ऐप पर ट्रेन, हेल्पलाइन नंबर समेत महाकुंभ से सभी जरूरी जानकारी उपलब्ध होगी। यूजर्स एक क्लिक पर मेले से संबंधित हर जानकारी प्राप्त कर पाएंगे। इसे गूगल प्ले स्टोर पर जाकर डाउनलोड कर सकते हैं। रेलवे ने यह पहल श्रद्धालुओं की यात्रा को स्मार्ट और सुविधाजनक बनाने के लिए की है। रेलवे ने “कुंभ रेल सेवा” वेब पोर्टल को भी लॉन्च किया है।

दो भाषाओं का ऑप्शन मिलेगा (Kumbh Rail Seva App)

कुंभ रेल सेवा ऐप पर इंग्लिश और हिन्दी दोनों भाषाओ का विकल्प मिलेगा। ताकि यूजर्स को भाषा के कारण कोई परेशानी न हो। प्लेटफ़ॉर्म पर सिर्फ सुविधाएं नहीं बल्कि महाकुंभ का इतिहास, महत्व, फोटो गैलेरी जैसी जानकारी भी उपलब्ध होगी।

ऐप पर मिलेगी ये सुविधाएं (Prayagraj Mahakumbh) 

  • यह ऐप श्रद्धालुओं की मदद यात्रा योजना बनाने में करेगा। इसपर ट्रेन की उपलब्धता, शेड्यूल और रूट की जानकारी मिलेगी। प्लेटफ़ॉर्म और ट्रेन स्टेटस चेक करने के लिए भी अन्य प्लेटफ़ॉर्म का इस्तेमाल करने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
  • मेडिकल बूथ स्वास्थ्य संबंधित सेवाओं की जानकारी देगा।
  • विश्राम गृह, यात्री आश्रय और वेटिंग रूम की जानकारी भी उपलब्ध होगी।
  • लॉस्ट एंड फाउंड सेवा से जरिए यूजर्स अपनी खोई हुई चीजों को ढूंढ पाएंगे।
  • डिस्टेंस मीटर फीचर भी ऐप पर मिलता है।

 

Manisha Kumari Pandey
लेखक के बारे में
पत्रकारिता जनकल्याण का माध्यम है। एक पत्रकार का काम नई जानकारी को उजागर करना और उस जानकारी को एक संदर्भ में रखना है। ताकि उस जानकारी का इस्तेमाल मानव की स्थिति को सुधारने में हो सकें। देश और दुनिया धीरे–धीरे बदल रही है। आधुनिक जनसंपर्क का विस्तार भी हो रहा है। लेकिन एक पत्रकार का किरदार वैसा ही जैसे आजादी के पहले था। समाज के मुद्दों को समाज तक पहुंचाना। स्वयं के लाभ को न देख सेवा को प्राथमिकता देना यही पत्रकारिता है। अच्छी पत्रकारिता बेहतर दुनिया बनाने की क्षमता रखती है। इसलिए भारतीय संविधान में पत्रकारिता को चौथा स्तंभ बताया गया है। हेनरी ल्यूस ने कहा है, " प्रकाशन एक व्यवसाय है, लेकिन पत्रकारिता कभी व्यवसाय नहीं थी और आज भी नहीं है और न ही यह कोई पेशा है।" पत्रकारिता समाजसेवा है और मुझे गर्व है कि "मैं एक पत्रकार हूं।" View all posts by Manisha Kumari Pandey
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