वट पूर्णिमा 2026 पर करें ये खास उपाय, खुशहाल बना रहेगा वैवाहिक जीवन

वट पूर्णिमा का व्रत सुहागिनों के लिए काफी खास होता है। चलिए इस दिन किए जाने वाले कुछ खास उपाय और नियमों के बारे में जान लेते हैं।
Vat Purnima 2026

ज्येष्ठ माह की पूर्णिमा तिथि को वट सावित्री पूर्णिमा के तौर पर मनाया जाता है। यह व्रत 29 जून यानी आज रखा जाने वाला है। इस दिन महिलाएं अपने पति की लंबी आयु, अच्छे स्वास्थ्य और खुशी वैवाहिक जीवन के लिए व्रत करती हैं। इस दिन वट यानी बरगद के पेड़ की विधिविधान से पूजा की जाती है।

धार्मिक मान्यताओं की मुताबिक बरगद के पेड़ में ब्रह्मा, विष्णु और महेश का वास होता है। इसकी पूजा करने से त्रिदेव का आशीर्वाद प्राप्त होता है और घर तथा वैवाहिक जीवन में सुख, समृद्धि और खुशहाली बनी रहती है। इस दिन सुबह के समय तो पूजा पाठ की ही जाती है लेकिन शाम के समय कुछ विशेष उपाय वैवाहिक जीवन को खुशहाली के लिए खास माने गए हैं। चलिए आज हम आपको उनके बारे में बता देते हैं।

वट पूर्णिमा के उपाय

घी का दीपक

वट पूर्णिमा के दिन शाम के समय पूजा स्थल पर घी का दीपक जरूर जलाना चाहिए। इसके साथ भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा करें। ऐसा करने से घर में सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है और सुख समृद्धि की प्राप्ति होती है।

वट वृक्ष को प्रणाम

अगर शाम के समय आप दोबारा वट वृक्ष के पास नहीं जा सकते तो घर पर बैठकर स्मरण करें और मन ही मन प्रणाम करें। ऐसा करने से शुभ फलों की प्राप्ति होती है और संकटों का नाश होता है।

एक साथ करें आराधना

इस दिन अगर संभव है तो पति-पत्नी को साथ बैठकर भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की आराधना करनी चाहिए। धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक साथ में प्रार्थना करने से रिश्तों मजबूती आती है और वैवाहिक जीवन की परेशानियां दूर होने लगती है।

जरूरतमंदों को दान

इस दिन शाम के समय किसी जरूरतमंद व्यक्ति को अन्न, फल और वस्त्र का दान करें। हिंदू धर्म में दान पुण्य का विशेष महत्व माना गया है। इससे शुभ फल प्राप्त होते हैं और जीवन की कठिनाइयां दूर होती है।

सुहाग के सामान का ध्यान

ये सुहाग से जुड़ा हुआ पर्व है इसलिए इस दिन पूजा में इस्तेमाल किया गया सिंदूर, चूड़ी, चुनरी और अन्य वस्तुओं को सुरक्षित स्थान पर रखें। इससे अखंड सौभाग्य की प्राप्ति होती है। दांपत्य जीवन की खुशहाली के लिए इन चीजों का ख्याल रखें।

इन नियमों का रखें ध्यान

  • पूर्णिमा के दिन कभी भी गलत शब्दों का इस्तेमाल न करें और ना ही किसी से विवाद करें।
  • परिवार के सभी सदस्यों के साथ प्रेम और सम्मान के साथ समय व्यतीत करें।
  • इस दिन क्रोध और नकारात्मक विचारों से दूर रहना चाहिए। किसी का अपमान करना भी शुभ नहीं माना गया है।
  • शांत मन और सकारात्मकता से अपने सारे काम करें। इससे निश्चित ही शुभ परिणाम प्राप्त होंगे।

Disclaimer- यहां दी गई सूचना सामान्य जानकारी के आधार पर बताई गई है। इनके सत्य और सटीक होने का दावा MP Breaking News न्यूज़ नहीं करता।

Diksha Bhanupriy
लेखक के बारे में
Diksha Bhanupriy

10 वर्षों का पत्रकारिता अनुभव, डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में.

"पत्रकारिता का मुख्य काम है, लोकहित की महत्वपूर्ण जानकारी जुटाना और उस जानकारी को संदर्भ के साथ इस तरह रखना कि हम उसका इस्तेमाल मनुष्य की स्थिति सुधारने में कर सकें।” इसी उद्देश्य के साथ मैं पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में काम कर रही हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है। मैं कॉपी राइटिंग, वेब कॉन्टेंट राइटिंग करना जानती हूं। मेरे पसंदीदा विषय दैनिक अपडेट, मनोरंजन और जीवनशैली समेत अन्य विषयों से संबंधित है। View all posts by Diksha Bhanupriy →
Follow Us :GoogleNews