रीवा में बनी 5100 किलो खिचड़ी, 51 हजार भक्तों में बंटा महाप्रसाद, अब एशिया बुक ऑफ वर्ल्ड में हुआ रिकार्ड

रीवा में बनी 5100 किलो खिचड़ी, 51 हजार भक्तों में बंटा महाप्रसाद, अब एशिया बुक ऑफ वर्ल्ड में हुआ रिकार्ड

Rewa News : मध्यप्रदेश के रीवा जिले का नाम एशिया बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज कर लिया गया है। दरअसल, कल पूरे देशभर में महाशिवरात्रि की धूम थी। जिसे लेकर हर जगह मंदिरों में विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। जहां भक्तों के लिए खीर, खिचड़ी आदि बनाए गए। हर तरफ भक्तों का तांता लगा हुआ था। लोग विधि- विधान के साथ भगवान की पूजा- अर्चना भी करते रहे और परिजनों की खुशहाली के लिए कामना भी की।

बनाई गई 5,100 किलोग्राम खिचड़ी

वहीं, रीवा के पचमठा आश्रम में 5,100 किलोग्राम खिचड़ी बनाई गई। जिसमें 4000 लीटर पानी, 600 किलो चावल, 300 किलो दाल, 100 किलो देशी घी और 100 किलोग्राम हरी सब्जियों का इस्तेमाल किया गया। जिसे 21 लोगों द्वारा मिलकर बनाया गया। जिससे विश्व रिकार्ड बन गया। बता दें कि जिसमें यह खिचड़ी बनाई गई वो 1,100 किलो का कड़ाहा था। इतनी खिचड़ी का भोग जिलेभर से आए 51 हजार भक्तों द्वारा खाया गया। इससे पहले 3,000 किलो खिचड़ी का रिकार्ड बनाया गया था।

इतने दिन में बन कर हुआ तैयार

अब आप सभी के मन में  सबसे पहले ये सवाल आएगा कि आखिर इतनी खिचड़ी के लिए कड़ाहा कैसे बनाया गया। यह कितने दिन में तैयार हुआ होगा। तो हम आपको बता दें कि इसे यूपी के कानपुर और आगरा के कारीगरों ने बनाया है। जिसके लिए कुल 15 दिनों का समय लगा था। वहीं, कड़ाहा तैयार करने के बाद उसे हाइड्रोलिक मशीन से ट्रक में रखकर सावधानीपूर्वक रखा गया जो कि 5.50 फीट ऊंची और 11 फीट चौड़ी थी। इसमें JCB की मदद भी ली गई थी। जिससे आप अंदाजा लगा सकते हैं ये कितनी बड़ी और भरी होगी।

Sanjucta Pandit
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सीनियर कंटेंट राइटर · डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन, बीए. 2022 से MP Breaking News में; पहले लाइव इंडिया, VIP News Channel और Khabar Bharat में कार्य.

मैं संयुक्ता पंडित वर्ष 2022 से MP Breaking में बतौर सीनियर कंटेंट राइटर काम कर रही हूँ। डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन और बीए की पढ़ाई करने के बाद से ही मुझे पत्रकार बनना था। जिसके लिए मैं लगातार मध्य प्रदेश की ऑनलाइन वेब साइट्स लाइव इंडिया, VIP News Channel, Khabar Bharat में काम किया है। पत्रकारिता लोकतंत्र का अघोषित चौथा स्तंभ माना जाता है। जिसका मुख्य काम है लोगों की बात को सरकार तक पहुंचाना। इसलिए मैं पिछले 5 सालों से इस क्षेत्र में कार्य कर रही हुं। View all posts by Sanjucta Pandit →
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