Lokayukta Action : 10,500 रुपये की रिश्वत लेते ट्रैफिक सूबेदार और आरक्षक गिरफ्तार

Lokayukta Action : 10,500 रुपये की रिश्वत लेते ट्रैफिक सूबेदार और आरक्षक गिरफ्तार

Rewa Lokayukta Police Action : रीवा लोकायुक्त पुलिस के रिश्वत लेते हुए ट्रैफ के सूबेदार और एक आरक्षक को गिरफ्तार किया है, दोनों चैकिंग के दौरान एक लोडिंग गाड़ी को छोड़ने के बदले 10,500 रुपये की रिश्वत ले रहे थे, लोकायुक्त पुलिस ने दोनों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं में केस दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया है।

जानकारी के मुताबिक आदर्श नगर रीवा के रहने वाले नवल किशोर रजक ने एसपी लोकायुक्त रीवा के कार्यालय में एक शिकायती आवेदन दिया था, आवेदन में नवल किशोर ने ट्रैफिक पुलिस के सूबेदार दिलीप तिवारी और आरक्षक चालक अमित सिंह बघेल पर रिश्वत मांगे जाने के आरोप लगाये थे।

चैकिंग में पकड़ी लोडिंग गाड़ी छोड़ने के बदले मांगी रिश्वत 

आवेदक ने लोकायुक्त एसपी को कहा कि वो 24 मार्च को बोलेरो पिकअप में कूलर लोड करके सीधी मझोली जा रहा था, ढेकहा तिराहे पर चैकिंग के नाम पर गाड़ी पकड़ ली गई तथा गाड़ी को छोड़ने के एवज में सूबेदार दिलीप तिवारी और आरक्षक अमित सिंह ने 15,000 रुपए की रिश्वत की मांग की लेकिन बातचीत के दौरान 10,500 रुपए में गाड़ी छोड़ने की बात हुई।

पुष्टि करने के बाद लोकायुक्त ने बिछाया जाल 

शिकायती आवेदन मिलने के बाद लोकायुक्त की टीम ने रिश्वत मांगे जाने की पुष्टि की और फिर ट्रेप की प्लानिंग की, फरियादी से सूबेदार तिवारी की बात कराई और सूबेदार तिवारी और उसके ड्राइवर अमित सिंह द्वारा बताये समय पर आज आवेदक नवल किशोर रिश्वत लेकर मार्तंड स्कूल तिराहा सिविल लाइन थाना रीवा पहुँच गया।

रिश्वत लेते सूबेदार और आरक्षक चालक गिरफ्तार 

लोकायुक्त की प्लानिंग के अनुसार फरियादी नवल किशोर ने रिश्वत की राशि 10,500 रुपए जैसे ही सूबेदार दिलीप तिवारी और उसके चालक अमित सिंह को दी वैसे ही पहले से तैयार लोकायुक्त की टीम ने इशारा मिलते ही दोनों पुलिसकर्मियों को रंगे हाथ रिश्वत की राशि के साथ पकड़ लिया।

Atul Saxena
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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