मध्यप्रदेश के रीवा से आई यह खबर सिर्फ एक चोरी की घटना नहीं, बल्कि बदलती डिजिटल जिंदगी का खतरनाक सच भी दिखाती है। शादी का घर, खुशियों का माहौल, रिश्तेदारों की चहल-पहल और इसी बीच अचानक गहने गायब हो जाना किसी ने सोचा भी नहीं था कि इस कहानी का सबसे चौंकाने वाला किरदार घर का ही एक बच्चा होगा।
जब मां को पता चला कि जिन गहनों को उसने सुरक्षित समझकर टिफिन में रखा था, वे गायब हैं और उसका बेटा भी घर से नहीं मिल रहा, तो खुशी का माहौल पल भर में चिंता और डर में बदल गया। परिवार को समझ नहीं आया कि आखिर यह सब हुआ कैसे।
शादी समारोह में गायब हुए गहने
जानकारी के मुताबिक, महिला अपने बच्चों के साथ बहन के यहां शादी में शामिल होने रीवा आई थी। शादी के बाद जब वह रिश्तेदार के घर पहुंची, तो उसने अपने सोने-चांदी के जेवर एक टिफिन में रख दिए और दूसरे कामों में लग गई।
कुछ देर बाद जब उसकी नजर टिफिन पर पड़ी, तो वह खाली मिला। पहले लगा कि शायद किसी ने सुरक्षित जगह रख दिया होगा, लेकिन खोजबीन के बाद भी गहने नहीं मिले। तभी ध्यान आया कि बेटा भी घर में नहीं है। यह देखकर परिवार के होश उड़ गए। करीब 15 लाख रुपये के गहनों का गायब होना और बेटे का अचानक लापता होना, दोनों घटनाओं ने पूरे परिवार को सदमे में डाल दिया।
पुलिस जांच में सामने आया ऑनलाइन गेम की लत का सच
गहने गायब होने के बाद परिवार ने तुरंत चोरहटा थाना पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और घर में मौजूद लोगों से पूछताछ की। जब पता चला कि बेटा भी गायब है, तो शक उसी पर गया।
पुलिस ने बच्चे के मोबाइल नंबर की लोकेशन ट्रेस की, जो सीधी जिले में मिली। इसके बाद साइबर टीम की मदद से पुलिस वहां पहुंची और बच्चे को खोज निकाला। शुरुआत में बच्चा पुलिस को गुमराह करता रहा और अलग-अलग बातें बताता रहा। लेकिन सख्ती से पूछताछ के बाद उसने सच कबूल कर लिया। उसने बताया कि ऑनलाइन गेम की लत के कारण उसने गहने लेकर अपने दोस्त के पास रख दिए थे।
दोस्त के घर से बरामद हुए 15 लाख के गहने
बच्चे के बताए स्थान पर पुलिस पहुंची तो सीधी जिले के जमोड़ी इलाके में उसके दोस्त के घर से गहने बरामद कर लिए गए। इसमें सोने और चांदी के कई जेवर शामिल थे। पुलिस जब गहने लेकर वापस रीवा पहुंची, तो महिला ने अपने जेवरों की पहचान की। परिवार ने राहत की सांस ली, लेकिन मां के लिए यह घटना भावनात्मक रूप से बेहद भारी थी। पुलिस के सामने बच्चा बार-बार अपनी मां से माफी मांगता रहा और कहता रहा, “सॉरी मम्मी, अब नहीं करूंगा।”
ऑनलाइन गेम की लत कैसे बच्चों को गलत राह पर ले जा रही
आज मोबाइल और इंटरनेट बच्चों की जिंदगी का हिस्सा बन चुके हैं। लेकिन जब गेमिंग की आदत लत बन जाती है, तो बच्चे सही और गलत का फर्क भूलने लगते हैं। कई गेम्स में पैसे खर्च करने, स्किन या लेवल खरीदने का दबाव रहता है। बच्चे अपने दोस्तों से पीछे नहीं रहना चाहते और धीरे-धीरे गेम उनके लिए जरूरत बन जाता है। इस मामले में भी माना जा रहा है कि बच्चा गेम खेलने और उससे जुड़े खर्चों के दबाव में इतना उलझ गया कि उसने चोरी जैसा कदम उठा लिया। ऑनलाइन गेम की लत अब सिर्फ मनोरंजन नहीं रही, बल्कि मानसिक और सामाजिक समस्या बनती जा रही है।





