फर्म को काम दिलाने के बदले PWD के चीफ इंजीनियर में मांगी 1 लाख रुपये प्रतिमाह रिश्वत, लोकायुक्त पुलिस ने रंगे हाथ पकड़ा

रीवा लोकायुक्त पुलिस ने आज PWD के प्रभारी चीफ इंजीनियर कैलाश कुमार लच्छे को उसके प्राइवेट साथी धर्मवीर भारती के सहयोग से 50 हजार रुपये की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया है। 
Rewa Lokayukta Police Action

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रिश्वतखोरी इस कदर हावी हो चुकी है कि बड़ी रकम मांगने में भी भ्रष्ट अफसर हिचकिचाते नहीं हैं, कुछ अफसर खुद को पाक साफ़ दिखाने के लिए रिश्वतखोरी के प्राइवेट आदमी भी रखते हैं जिनके माध्यम से रिश्वत ली जाती है लेकिन फिर भी वे लोकायुक्त पुलिस की नजर से बच नहीं पाते, एक ऐसा ही वरिष्ठ अधिकारी लोकायुक्त पुलिस की पकड़ में आया है

लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक रीवा योगेश्वर शर्मा से मिली जानकारी के मुताबिक सतना में संचालित टेस्टिंग लैब पीवीपी एलटीडी फर्म के मैनेजर सोनू सिंह ने एक शिकायती आवेदन देकर PWD के प्रभारी चीफ इंजीनियर पर काम दिलाने के बदले 1 लाख रुपये प्रति महीने रिश्वत मांगने के आरोप लगाये थे

शिकायती आवेदन में सोनू सिंह ने बताया कि उनकी फर्म द्वारा कंस्ट्रक्शन कार्य की गुणवत्ता का परीक्षण किया जाता हैं। उन्होंने लोक निर्माण विभाग, संभाग रीवा में काम के लिए आवेदन किया है लेकिन काम दिलाने के एवज में प्रभारी मुख्य अभियंता कैलाश कुमार लच्छे प्रति माह 01 लाख रुपये रिश्वत की मांग कर रहे हैं।

प्राइवेट साथी की मदद से ली रिश्वत दोनों गिरफ्तार 

शिकायत मिलने के बाद उसका सत्यापन कराया गया और सत्यापन के दौरान ही कैलाश कुमार लच्छे ने अपने प्राइवेट साथी धर्मवीर भारती के सहयोग से 50 हजार रुपये ले लिए। रिश्वत का पुख्ता सबूत मिलने के बाद आज 11 अगस्त को लोकायुक्त पुलिस रीवा की टीम सतना पहुंची यहाँ निर्धारित स्थान अटल पार्क के सामने सिविल लाइन स्थित कैलाश कुमार लच्छे के शासकीय आवास पर सोनू सिंह को भेजा और यहाँ जैसे ही मैनेजर सोनू सिंह ने 50 हजार रुपये कैलाश कुमार लच्छे के प्राइवेट साथी धर्मवीर भारती को दीद्ये लोकायुक्त पुलिस ने दोनों को दबोच लिया।

दोनों आरोपियों के विरुद्ध मामला दर्ज 

एसपी योगेश्वर शर्मा ने बताया कि प्रभारी मुख्य अभियंता ,लोक निर्माण विभाग, संभाग रीवा (मूल पद कार्यपालन यंत्री) कैलाश कुमार लच्छे और उनके प्राइवेट साथी धर्मवीर भारती निवासी विदिशा के विरुद्ध धारा 7 भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 संशोधन अधिनियम 2018 के अंतर्गत अपराध पंजीबद्ध किया गया है टीम मामले की जांच जा रही है।

Atul Saxena
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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