सागर ग्रामीण कांग्रेस अध्यक्ष का निधन, पूर्व सीएम कमलनाथ ने जताया दुख

सागर ग्रामीण कांग्रेस अध्यक्ष का निधन, पूर्व सीएम कमलनाथ ने जताया दुख

सागर, शुभम पाठक| सागर ग्रामीण कांग्रेस के अध्यक्ष नरेश जैन (Naresh Jain) का बुधवार को निधन हो गया| पिछले दिनों वे कोरोना संक्रमित (Corona Infected) हुए थे| राजधानी भोपाल (Bhopal) के एक अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था| बुधवार को अस्पताल में उन्होंने अंतिम सांस ली| पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ (Kamalnath) ने कांग्रेस नेता नरेश जैन के निधन पर दुःख व्यक्त किया है|

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ ने ट्वीट कर नरेश जैन के निधन पर शोक व्यक्त किया| उन्होंने लिखा-मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व कोषाध्यक्ष एवं सागर ग्रामीण कांग्रेस के अध्यक्ष श्री नरेश जैन के निधन का बेहद दुखद व स्तब्ध करने वाला समाचार मिला। पार्टी के एक समर्पित कार्यकर्ता के रूप में उन्होंने सदैव सक्रियता से पार्टी की मज़बूती के लिये कार्य किया। परिवार के प्रति मेरी शोक संवेदनाएँ। ईश्वर उन्हें अपने श्रीचरणो में स्थान व पीछे परिजनो को यह दुःख सहने की शक्ति प्रदान करे।

बता दें कि सागर ग्रामीण कांग्रेस के अध्यक्ष नरेश जैन कुछ दिन पहले सुरखी उपचुनाव प्रचार के दौरान संक्रमित हुए थे। जिसके बाद भोपाल में उनका इलाज चल रहा था| बताया जा रहा है कि उनकी हालत नाजुक थी, मंगलवार को उन्हें वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया| बुधवार को उन्होंने अस्पताल में अंतिम साँस ली| श्री जैन ने सन 1998 में दमोह लोकसभा सीट से कांग्रेस के टिकिट पर चुनाव लड़ा था।

Gaurav Sharma
लेखक के बारे में
Gaurav Sharma

निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
Follow Us :GoogleNews