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सागर: सुरखी के जैन मंदिर से 5 किलो चांदी के छत्र चोरी, चोर DVR भी उखाड़ ले गए, पुलिस पर उठे गंभीर सवाल

Reported by:Vinod Jain|Edited by:Ankita Chourdia
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सागर जिले के सुरखी थाना क्षेत्र में चोरों के हौसले बुलंद हैं। रविवार-सोमवार की दरमियानी रात चोरों ने एक जैन मंदिर को निशाना बनाते हुए लगभग पांच किलो चांदी के छत्र चुरा लिए। चोर अपने साथ सबूत मिटाने के लिए CCTV कैमरे और DVR भी ले गए, जिससे पुलिस की कार्यप्रणाली पर आक्रोश है।
सागर: सुरखी के जैन मंदिर से 5 किलो चांदी के छत्र चोरी, चोर DVR भी उखाड़ ले गए, पुलिस पर उठे गंभीर सवाल

सागर: जिले के सुरखी थाना क्षेत्र में चोरी की घटनाएं रुकने का नाम नहीं ले रही हैं। बेखौफ चोरों ने इस बार धार्मिक स्थल को निशाना बनाया है। रविवार और सोमवार की दरमियानी रात, चोरों ने सुरखी स्थित छोटे जैन मंदिर से करीब पांच किलो चांदी के छत्र चोरी कर लिए। इस घटना के बाद से स्थानीय निवासियों में पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर भारी गुस्सा और असुरक्षा का माहौल है।

चोरों ने घटना को इतने शातिर तरीके से अंजाम दिया कि वे अपने पीछे कोई सुराग नहीं छोड़ना चाहते थे। मंदिर में लगे CCTV कैमरे और रिकॉर्डिंग सहेजने वाले डिजिटल वीडियो रिकॉर्डर (DVR) को भी वे उखाड़कर अपने साथ ले गए। इस दुस्साहसिक वारदात ने क्षेत्र में पुलिस की गश्त और सक्रियता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

लगातार हो रही चोरियों से जनता परेशान

सुरखी थाना क्षेत्र पिछले कुछ महीनों से चोरों के लिए एक सुरक्षित पनाहगाह बन गया है। किसानों के खेतों से सिंचाई की मोटरें, घरों से नकदी और गहनों की चोरी की वारदातें आम हो गई हैं। लेकिन पुलिस अब तक किसी भी बड़ी घटना का खुलासा करने में नाकाम रही है। लोगों का आरोप है कि पुलिस या तो चोरों तक पहुंचने में असमर्थ है या जानबूझकर आदतन अपराधियों से पूछताछ नहीं कर रही है।

क्या पुलिस को भटका रहे हैं चोर?

घटनास्थल की जांच के दौरान पुलिस को एक ATM कार्ड और एक पैनकार्ड मिला है। हालांकि, पुलिस इसे एक अहम सुराग मान रही है, लेकिन यह भी आशंका जताई जा रही है कि यह चोरों की एक चाल हो सकती है। हो सकता है कि चोरों ने पुलिस का ध्यान भटकाने के लिए जानबूझकर किसी और के दस्तावेज वहां फेंके हों। यह घटना दिखाती है कि चोर पुलिस से एक कदम आगे चल रहे हैं और उन्हें कानून का कोई डर नहीं है।

पहले से ही अनसुलझी चोरियों के बोझ तले दबी पुलिस के लिए जैन मंदिर की यह घटना एक नई चुनौती बन गई है। इस मामले ने स्थानीय लोगों के गुस्से को और भड़का दिया है और वे अब सीधे तौर पर पुलिस को इन घटनाओं के लिए जिम्मेदार ठहरा रहे हैं।

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