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जनपद पंचायत कार्यालय में रिश्वत ले रहा था ग्राम सचिव, लोकायुक्त पुलिस ने रंगे हाथ गिरफ्तार किया

Written by:Atul Saxena
Published:
शिकायतकर्ता रनवीर राय ने जैसे ही रिश्वत की राशि 11,000/- रुपये ग्राम सचिव हरिराम कुशवाहा को दी पहले से तैयार लोकायुक्त की टीम ने उसे रंगे हाथ पकड़ लिया।
जनपद पंचायत कार्यालय में रिश्वत ले रहा था ग्राम सचिव, लोकायुक्त पुलिस ने रंगे हाथ गिरफ्तार किया

Lokayukta Action : मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के निर्देश के बाद पुलिस महानिदेशक लोकायुक्त जयदीप प्रसाद के निर्देश पर प्रदेश में लोकायुक्त पुलिस भ्रष्टाचार के विरुद्ध सख्त कार्रवाई कर रही है, इसी क्रम में आज सागर लोकायुक्त पुलिस ने एक ग्राम सचिव को 11,000/- रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है।

लोकायुक्त एसपी योगेश्वर शर्मा से मिली जानकारी के मुताबिक बीना तहसील के ग्राम विहरना, भानगढ़ निवासी आवेदक रनवीर राय ने एक शिकायती आवेदन कार्यालय में दिया था जिसमें ग्राम सचिव पर रिश्वत मांगे जाने के आरोप लगाये थे।

बिलों की राशि निकालने के बदले ग्राम सचिव ने मांगी रिश्वत 

आवेदन में शिकायतकर्ता ने बताया कि उसके पिता ग्राम पंचायत सरपंच विहरना के द्वारा ग्राम पंचायत में कचरा डंप करने का शेड बनाया गया था जिसके बिलों की राशि निकलवाने के एवज में ग्राम सचिव हरिराम कुशवाहा 11,000/- रुपये रिश्वत मांग रहा था।

रिश्वत  की राशि देकर ट्रैप दल ने आवेदक को भेजा 

शिकायत मिलने के बाद लोकायुक्त ने इसकी जांच की और सत्यता प्रमाणित होने पर एक ट्रैप दल बनाया, आज निर्धारित समय पर आवेदक रनवीर राय ग्राम सचिव हरिराम कुशवाहा को रिश्वत की राशि देने जनपद पंचायत कार्यालय बीना पहुंचा।

लोकायुक्त की टीम ने ग्राम सचिव को रंगे हाथ पकड़ा 

शिकायतकर्ता रनवीर राय ने जैसे ही रिश्वत की राशि 11,000/- रुपये ग्राम सचिव हरिराम कुशवाहा को दी पहले से तैयार लोकायुक्त की टीम ने उसे रंगे हाथ पकड़ लिया, लोकायुक्त ने उससे राशि बरामद कर ली और जब उसके हाथ धुलवाए तो पानी गुलाबी हो गया, लोकायुक्त ने आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं में मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया।

Atul Saxena
लेखक के बारे में
पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena
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