डिवाइडर से कार टकराने से 3 लोगों की मौत, 4 घायल

डिवाइडर से कार टकराने से 3 लोगों की मौत, 4 घायल

सतना।

रोहनिया गांव के पास शनिवार सुबह तकरीबन 6 बजे एक तेज रफ्तार कार डिवाइडर से टकरा गई। दुर्घटना में कार सवार 3 लोगों की मौत हो गई जबकि 4 लोग घायल हो गए। दुर्घटना में घायलों को सतना और जबलपुर के निजी अस्पताल में भर्ती किया गया है। बताया जाता है कि कार चालक को झपकी आने के कारण यह हादसा हुआ है। इस कारण तीन लोगों की जान चली गई।

सगाई कार्यक्रम से जबलपुर वापस नागौद लौट रहे थे

मिली जानकारी के अनुसार कार सवार सभी लोग नागौद निवासी शशि गुप्ता की बेटी दीप्ति गुप्ता के सगाई कार्यक्रम में शामिल होकर जबलपुर से वापस नागौद लौट रहे थे। बताया जाता है कि रोहनिया गांव के पास पहुंचते ही कार चालक को झपकी आ गई और कार अचानक सड़क किनारे बने डिवाइडर से जाकर टकरा गई।

दो लोगों की मौके पर ही मौत

कार में सवार राकेश गुप्ता (45) पिता रामाश्रय गुप्ता, चालक संतोष गौतम (50) पिता स्व. राधिका प्रसाद गौतम की मौके पर मौत हो गई। जबकि श्रेजल सिंह परिहार (14) पिता आशीष सिंह की जिला अस्पताल में मौत हो गई। घटना में दीप्ति गुप्ता (22) पिता राजकिशोर गुप्ता, शशि गुप्ता (40) पति राजकिशोर गुप्ता, श्वेता सिंह (40) पति आशीष सिंह व शोभा गुप्ता (45) पति वाल्मीक गुप्ता गंभीर रूप से घायल हुए हैं। इनमें से कुछ घायलों का सतना और जबलपुर के निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है। पुलिस ने मामला दर्ज कर घटना की जांच पड़ताल शुरू कर दी है।

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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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