30 हजार रुपये की रिश्वत लेते PWD इंजीनियर को लोकायुक्त ने रंगे हाथ गिरफ्तार किया

30 हजार रुपये की रिश्वत लेते PWD इंजीनियर को लोकायुक्त ने रंगे हाथ गिरफ्तार किया

सिवनी, डेस्क रिपोर्ट। लोकायुक्त पुलिस जबलपुर (Jabalpur Lokayukta Police) की टीम ने सिवनी में पदस्थ इंजीनियर को रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार सहायक यंत्री लोक निर्माण विभाग की परियोजना क्रियान्वयन इकाई में पदस्थ है। रिश्वतखोर इंजीनियर ने एक ठेकेदार से बिलों के भुगतान के बदले रिश्वत की मांग की थी।

जानकारी के अनुसार सिवनी के बंडोल थाना क्षेत्र के बांकी गांव में रहने वाले संतोष सिंह ठेकदारी का काम करते हैं उन्होंने जबलपुर लोकायुक्त पुलिस (lokayukta action) कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई कि लोक निर्माण विभाग (PWD) की परियोजना क्रियान्वयन इकाई (PIU) के संभागीय कार्यालय में पदस्थ प्रभारी परियोजना यंत्री (सहायक यंत्री) आनंद गोल्हानी  बिलों के भुगतान के बदले रिश्वत मांग रहे हैं।

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शिकायतकर्ता ठेकेदार संतोष सिंह ने कहा कि उसे इसी साल लखनादौन उप जेल में 20 बैरक का निर्माण किया है।  विभाग में जमा FDR निकलवाने और अंतिम बिल के भुगतान की राशि के भुगतान के लिए प्रभारी परियोजना यंत्री ने 70 हजार रुपये की रिश्वत की मांग की , बाद में सौदा 30 हजार में तय हुआ।

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शिकायत के बाद लोकायुक्त जबलपुर की टीम ने ठेकदार संतोष सिंह को समझाइश देकर आज रिश्वत की राशि 30 हजार रुपये लेकर प्रभारी परियोजना यंत्री के पास भेजा। तय समय पर इंजीनियर आनंद गोल्हानी सर्किट हॉउस के सामने पेट्रोल पंप पर मिलने पहुंचे। ठेकेदार ने उन्हें रिश्वत की राशि 30 हजार रुपये जैसे ही दी पहले से तैयार लोकायुक्त पुलिस जबलपुर की टीम ने उन्हें रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया।

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Atul Saxena
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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