भ्रष्टाचारियों पर लगातार कार्रवाई होने के बावजूद सरकारी कर्मचारी रिश्वतखोरी की आदत नहीं छोड़ रहे हैं… आज एक बार फिर लोकायुक्त पुलिस ने एक घूसखोर शासकीय सेवक को रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा है, आरोपी एक स्वास्थ्य केंद्र में मेडिकल ऑफिसर है, उसने अपने ही विभाग के कर्मचारी से रिश्वत की मांग की थी।
रीवा लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक योगेश्वर शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि उमरिया जिले की पाली तहसील के ग्राम पटनार खुर्द में रहने वाले वीरेंद्र सिंह एन एक शिकायती आवेदन दिया था जिसमें उन्होंने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र , उफरी, तहसील जयसिंह नगर , जिला शहडोल में पदस्थ मेडिकल ऑफिसर डॉ महेश चंद्र शर्मा पर रिश्वत मांगने के आरोप लगाये थे।
शिकायतकर्ता वीरेंद्र सिंह ने बताया कि उसकी पत्नी पार्वती सिंह स्वास्थ्य विभाग में ANM है, हम अटैचमेंट को कैंसिल करवाना चाहते थे, इसके लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र , उफरी, तहसील जयसिंह नगर , जिला शहडोल में पदस्थ मेडिकल ऑफिसर डॉ महेश चंद्र शर्मा से मुलाकत की तो उन्होंने 10000/- रुपये की रिश्वत की मांग की।
सत्यापन के दौरान ही ले लिए 5000/- रुपये
शिकायत का सत्यापन कराया गया तो रिश्वत मांगने की बात सही निकली, 5000/- रुपये मेडिकल ऑफिसर डॉ महेश चंद्र शर्मा ने वहीं ले लिये और रिश्वत की शेष राशि 5000/- रुपये लेकर बस स्टैंड , जयसिंहनगर, शहडोल पर बुलाया। तुरंत ट्रैप दल गठित किया गया और टीम रीवा से शहडोल पहुंची।
रिश्वत हाथ में आते ही गिरफ्तार
तय समय पर मेडिकल ऑफिसर डॉ महेश चंद्र शर्मा बस स्टैंड , जयसिंहनगर, शहडोल आया और उसने शिकायतकर्ता वीरेंद्र सिंह से 5000/- रुपये लिए, पैसे देते ही पास में छिपी लोकायुक्त पुलिस की टीम ने उसे घेर लिया और पकड़ लिया। उसकी जेब से रिश्वत की राशि भी मिल गई जो जब्त कर ली गई, लोकायुक्त ने आरोपी के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं में मामला दर्ज कर जाँच में ले लिया है।







