
शहडोल। कोरोना लाक डाउन के समय समाज हित मे शहडोल जिले के समाजसेवी भी आगे आए हैं। इन्हीं में से एक हैं शालिनी सरावगी जो वर्तमान में सरस्वती शिशु मंदिर की अध्यक्ष हैं। शहडोल के बुढार की नगरपालिका अध्यक्ष रह चुकी शालिनी सरावगी अपने समाज सेवी कार्यो के लिए अंचल में अच्छा खासा मुकाम रखती हैं । इसके साथ-साथ शालिनी वूमेन सेल इग्नू की भी सदस्य हैं। डीएवी स्कूल की एल एम सी मेंबर शालिनी ने अपनी आवाज के माध्यम से कोरोना से प्रेरणादायी कहानी सुनाकर कोरोना से बचने के लिए संदेश दिया है।
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Gaurav Sharma
निदेशक और संपादक
पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है।
इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →

