बोत्सवाना से कूनो नेशनल पार्क पहुंचे 9 चीते, केन्द्रीय वन मंत्री भूपेंद्र यादव ने तीन चीतों को बाड़े में किया रिलीज

चीतों को रिलीज करने के बाद केन्द्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने कहा हम प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आभारी हैं। उन्हीं की दूरदृष्टि और मार्गदर्शन में हम विश्व के सबसे महत्वाकांक्षी चीता पुनर्वास अभियान को सफलतापूर्वक संपन्न कर पाए हैं।
Nine cheetahs arrived in Kuno National Park from Botswana

Nine cheetahs arrived in Kuno National Park from Botswana

विश्व प्रसिद्द कूनो नेशनल पार्क में आज बोत्स्वाना से 9 चीते पहुंचे, एक सादे समारोह में केन्द्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री भूपेन्द्र यादव ने इनमें से 3 चीतों को प्रतीकात्मक रूप से क्वारंटीन के लिए बनाये गये बाड़ों में रिलीज किया। उन्होंने चीता प्रोजेक्ट के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का आभार जताया और मध्य प्रदेश सरकार को शुभकामनायें दी, उन्होंने कहा मध्य प्रदेश की धरती को चीतों ने इसे अपना घर बना लिया है ये अच्छे संकेत हैं।

केन्द्रीय मंत्री भूपेन्द्र यादव ने कहा कि बोत्सवाना से कूनो नेशनल पार्क में लाये गये चीतों से बोत्सवाना और भारत के बीच जैव विविधता संरक्षण की एक ऐतिहासिक साझेदारी प्रारंभ हुई है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की विशेष पहल और प्रयासों से भारत में चीतों के प्रतिस्थापन की योजना पूरी तरह से सफल रही है। बायोडायवर्सिटी कंजर्वेशन की दिशा में कई देश साथ आये हैं। भारत में चीता प्रोजेक्ट को साढ़े तीन साल का समय हो गया है। कूनो नेशनल पार्क में चीतों का कुनबा निरंतर बढ़ रहा है।

45 कूनो नेशनल पार्क और 3 गांधी सागर अभ्यारण में

उन्होंने बताया कि वर्तमान में भारत में चीतों की संख्या 48 हो गई है, जिनमें 45 कूनो नेशनल पार्क और 3 गांधी सागर अभ्यारण में हैं। केन्द्रीय वन मंत्री ने कहा कि भारत के प्रयासों से विश्व में जैव विविधता संरक्षण के लिए कार्य किया जा रहा है और 97 देश इस मंच के सदस्य बन गये हैं।

केन्द्रीय मंत्री ने 3 चीतों को बाड़े में छोड़ा 

केन्द्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री यादव ने बोत्सवाना से आये 9 चीतों में से तीन चीतों को प्रतीकात्मक रूप से क्वारंटीन के लिए बनाये गये बाड़ों में रिलीज किया। बता दें भारत में चीतों की पुनर्बसाहट के लिए तीन वर्ष पूर्व शुरू हुए चीता प्रोजेक्ट के तहत बोत्सवाना से लाये गये 9 चीते शनिवार को सुबह लगभग 9.30 बजे कूनो नेशनल पार्क पहुंचे। वायुसेना के तीन हैलीकॉप्टर से ग्वालियर एयरपोर्ट से इन चीतों को कूनो नेशनल पार्क में एयरलिफ्ट किया गया। इन चीतों में 6 मादा और 3 नर चीते शामिल है। केन्द्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री ने चीता रिलीज कार्यक्रम उपरांत बोत्सवाना से आये चीता विशेषज्ञ दल से भेंट कर चर्चा की, साथ ही उन्हें कूनो नेशनल पार्क की ओर से स्मृति चिन्ह भेंट किये।

बोत्सवाना से आये 9 चीतों में 3 नर 6 मादा 

बोत्सवाना से 9 चीतों के आने के बाद अब प्रदेश में चीतों की कुल संख्या 48 हो गई है, इनमें से 45 कूनो नेशनल पार्क में और 3 गांधी सागर अभयारण्य में हैं। मंत्री यादव ने X पर लिखा- 17 सितंबर, 2022 को नामीबिया से आठ चीतों को भारत में लाया गया था और फरवरी 2023 में दक्षिण अफ्रीका से 12 चीतों को लाया गया था। अब मुझे यह घोषणा करते हुए बेहद खुशी हो रही है कि बोत्सवाना से नौ चीते – 6 मादा और 3 नर – मध्य प्रदेश के कुनो राष्ट्रीय उद्यान में आ गए हैं। भारत में 39 चीतों की अच्छी-खासी आबादी है, जिनमें 28 भारत में जन्मे शावक भी शामिल हैं। प्रधानमंत्र नरेंद्र मोद के पर्यावरण के प्रति जागरूक नेतृत्व में शुरू की गई महत्वाकांक्षी परियोजना ‘प्रोजेक्ट चीता’ एक बड़ी सफलता रही है। मैं बोत्सवाना से आए इन नए दोस्तों का स्वागत करता हूं और कामना करता हूं कि वे भारत के वन्य जीवन में खूब फलें-फूलें और अपनी संख्या बढ़ाएं।

Atul Saxena
लेखक के बारे में
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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