मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले के खनियांधाना नगर में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के मौके पर लगाए गए धार्मिक बैनर और पोस्टर फाड़े जाने का मामला सामने आने के बाद माहौल गरमा गया। घटना की जानकारी मिलते ही यादव समाज और हिंदू समाज के लोगों में नाराजगी फैल गई।
बड़ी संख्या में लोग खनियांधाना थाने पहुंचे और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग को लेकर थाने का घेराव किया। लोगों ने पुलिस को आवेदन देकर मामले में FIR दर्ज करने और आरोपियों की पहचान करने की मांग की है।
रात में चार अज्ञात लोगों पर बैनर फाड़ने का आरोप
यादव समाज के लोगों के अनुसार, खनियांधाना नगर में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर धार्मिक बैनर और पोस्टर लगाए गए थे। आरोप है कि 29 अगस्त की रात करीब 11 बजे से 11:40 बजे के बीच चार अज्ञात लोग नगर में पहुंचे और अलग-अलग जगहों पर लगे बैनर व पोस्टर फाड़ दिए। इसके बाद फटे हुए पोस्टरों को सड़क पर फेंक दिया गया। घटना को लेकर लोगों का कहना है कि यह सिर्फ संपत्ति को नुकसान पहुंचाने का मामला नहीं है, बल्कि धार्मिक भावनाओं से जुड़ा विषय है।
सुबह जानकारी मिलते ही यादव और हिंदू समाज में नाराजगी
सुबह जब नगर के लोगों ने जगह-जगह फटे हुए जन्माष्टमी के बैनर देखे तो नाराजगी फैल गई। धीरे-धीरे यह जानकारी यादव समाज और हिंदू समाज के अन्य लोगों तक पहुंची। इसके बाद बड़ी संख्या में लोग एकजुट होकर खनियांधाना थाने पहुंचे। लोगों ने पुलिस के सामने अपनी नाराजगी जाहिर की और कहा कि धार्मिक आयोजनों से जुड़े पोस्टर और बैनर को इस तरह नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ कार्रवाई जरूरी है। समाज के लोगों ने पुलिस से जल्द मामले की जांच पूरी करने की मांग की।
खनियांधाना थाने का घेराव कर कार्रवाई की मांग
घटना से नाराज लोगों ने खनियांधाना थाने पहुंचकर घेराव किया। समाज की ओर से थाना प्रभारी को एक लिखित आवेदन भी दिया गया। आवेदन में मांग की गई कि घटना की गंभीरता से जांच की जाए और बैनर फाड़ने वाले लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई की जाए। प्रदर्शन करने पहुंचे लोगों का कहना था कि इस तरह की घटनाओं को नजरअंदाज करने से भविष्य में माहौल खराब हो सकता है, इसलिए समय रहते कार्रवाई जरूरी है।
CCTV फुटेज से आरोपियों की पहचान की मांग
यादव समाज ने पुलिस से नगर में लगे CCTV कैमरों की फुटेज की जांच कराने की मांग की है। आरोप है कि घटना रात करीब 11 बजे से 11:40 बजे के बीच हुई, इसलिए उस समय के आसपास की फुटेज देखने से आरोपियों तक पहुंचने में मदद मिल सकती है। समाज के लोगों का कहना है कि घटना वाले स्थानों और आसपास के प्रमुख रास्तों पर लगे कैमरों की रिकॉर्डिंग खंगालना जरूरी है।
48 घंटे में कार्रवाई नहीं हुई तो चक्काजाम की चेतावनी
घटना के विरोध में यादव समाज ने पुलिस प्रशासन को 48 घंटे का समय दिया है। समाज के लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि तय समय के भीतर आरोपियों की पहचान कर कार्रवाई नहीं की गई तो नगर के मुख्य मार्ग पर चक्काजाम किया जाएगा। इस चेतावनी के बाद पुलिस प्रशासन के सामने मामले की जांच जल्द पूरी करने की चुनौती भी बढ़ गई है।
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के बैनर फाड़ने से बढ़ी चिंता
धार्मिक पर्वों के दौरान शहरों और कस्बों में बैनर, पोस्टर और धार्मिक सजावट आम बात है। ऐसे में जन्माष्टमी के मौके पर लगाए गए बैनर फाड़े जाने की घटना ने स्थानीय लोगों को नाराज कर दिया है। लोगों का कहना है कि किसी भी धार्मिक आयोजन से जुड़े सामान को नुकसान पहुंचाना सामाजिक माहौल को प्रभावित कर सकता है।
खनियांधाना में हुई इस घटना के बाद लोगों की नजर अब पुलिस जांच पर टिकी हुई है। समाज के लोग चाहते हैं कि CCTV फुटेज के जरिए जल्द से जल्द आरोपियों की पहचान हो, ताकि यह साफ हो सके कि घटना के पीछे कौन लोग थे और उनका उद्देश्य क्या था।






