
सीधी, पंकज सिंह
देश के मशहूर शायर एवं नामचीन शायर राहत इंदौरी के आकस्मिक निधन पर मप्र विधानसभा के पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने गहरा शोक व्यक्त किया है। अजय सिंह ने राहत इंदौरी के निधन को साहित्य जगत की बड़ी क्षति बताते हुए कहा कि देश ने एक महान कलमकार खो दिया।
अजय सिंह ने कहा कि उन्होंने अपनी कलम के माध्यम से समाज को हमेशा एक नई दिशा दी। राहत इंदौरी साहित्य के एक ऐसे दर्पण थे जो समाज की वास्तविक तस्वीर पेश करते थे! उनके निधन की खबर से हर कोई स्तब्ध है। अजय सिंह ने शोक संतप्त परिवार के प्रति गहरी संवेदना प्रकट करते हुए कहा कि दुख की इस घड़ी में हम सब उनके साथ हैं।
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Gaurav Sharma
निदेशक और संपादक
पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है।
इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →

