आदिवासी युवक से मारपीट के आरोपी वनपाल को हटाया, दोबारा होगी मेडिकल जांच, कलेक्टर ने दिए निर्देश

शुरुआती कार्रवाई न होने से बैगा आदिवासी समाज में नाराजगी देखी गई। विरोध स्वरूप लोगों ने खाट यात्रा निकालकर कलेक्ट्रेट तक प्रदर्शन किया और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
Forest employee accused of assault removed

Forest employee accused of assault removed

सिंगरौली जिले में आदिवासी युवक श्रीलाल बैगा के साथ हुई मारपीट के मामले में जिला प्रशासन ने कार्रवाई की है। कलेक्टर गौरव बैनल के निर्देश पर निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए डीएफओ नेआरोपी वनपाल को गोभा चेक पॉइंट से हटाकर कार्यालय अटैच कर दिया है।

कलेक्टर ने पीड़ित की दोबारा मेडिकल लीगल जांच (एमएलसी) कराने के निर्देश भी दिए हैं। इसके लिए तीन डॉक्टरों की टीम गठित की गई है, जो पीड़ित की विस्तृत जांच करेगी। प्रशासन के अनुसार, इस रिपोर्ट से मारपीट की प्रकृति, समय और घटनाक्रम को स्पष्ट रूप से समझने में मदद मिलेगी।

यह मामला 18 दिसंबर का है, जब वन भूमि पर खेती को लेकर हुए विवाद के दौरान एक वनकर्मी द्वारा श्रीलाल बैगा के साथ मारपीट किए जाने का आरोप है। बाद में मेडिकल जांच में उनके हाथ में फ्रैक्चर और शरीर पर चोटें पाए जाने की जानकारी सामने आई थी।

बैगा आदिवासी समाज ने खाट रैली निकालकर किया प्रदर्शन

मामले में शुरुआती कार्रवाई न होने से बैगा आदिवासी समाज में नाराजगी देखी गई। विरोध स्वरूप लोगों ने खाट यात्रा निकालकर कलेक्ट्रेट तक प्रदर्शन किया और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।

प्रभारी मंत्री से मिलने नहीं दिया पीड़ित को 

पीड़ित ने जिले के दौरे पर आई प्रभारी मंत्री से मिलने का प्रयास भी किया, लेकिन उन्हें अनुमति नहीं मिल सकी। प्रशासन का कहना है कि तीन डॉक्टरों की जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

राघवेन्द्र सिंह गहरवार की रिपोर्ट

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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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