नीमच में बारिश का कहर, पुलिस लाइन लबालब, घरों में कैद परिवार, SDERF तैनात  

बच्चों के लिए भले ही खेल हो लेकिन परिवार के लोग परेशान हैं, पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के घरों में घुटने घुटने पानी भर गया है जिससे उनका घर में रखा सामान खरब हो गया है लोगो घरों में कैद होकर रह गए हैं।
Neemuch police line

Neemuch News : आम तौर पर जब किसी के साथ कोई घटना-दुर्घटना हो जाती है तो सबसे पहले उसको पुलिस याद आती है। लेकिन यदि वही पुलिस स्वयं के लिए बेबस परेशान दिखाई दे समझिये उसे क्या महसूस होता होगा।  दरअसल ऐसा हम इस लिए कह रहे है क्योंकि कल से आज तक हुई बारिश के पानी का तेज बहाव आवासीय पुलिस लाइन की दीवार को तोड़ते हुए अंदर घुस गया जिससे पूरी पुलिस लाइन लबालब हो गई।

घरों में भरा घुटनों तक पानी, सामान डूबा  

पुलिस लाइन में जहाँ देखो वहां सिर्फ पानी ही पानी दिखाई दे रहा है, बच्चों के लिए भले ही खेल हो लेकिन परिवार के लोग परेशान हैं, पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के घरों में घुटने घुटने पानी भर गया है जिससे उनका घर में रखा सामान खरब हो गया है लोगो घरों में कैद होकर रह गए हैं।

SDERF की टीमें तैनात, सांप पकड़ने वाले भी अलर्ट 

आपको बता दें कि इस आवसीय पुलिस लाइन से कुछ नाले सटे हुए होने के साथ ही नजदीक में मेडिकल कॉलेज भी मौजूद है। जहाँ बारिश के पानी की निकासी सही नहीं होने के कारण पुलिस लाइन में पानी घुस आया और यहाँ पर तालाब का रूप ले लिया। रक्षित निरीक्षक विक्रम सिंह ने बताया कि किसी भी प्रकार की कोई अनहोनी ना हो इस के लिए एसडीईआरएफ की टीम भी तैनात की गई और साथ ही इस में सांप पकड़े वाले एक्सपर्ट को रखा गया है।

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नीमच से कमलेश सारडा की रिपोर्ट 

Atul Saxena
लेखक के बारे में
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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