Hindi News

‘मुझे जैक कैलिस की याद दिलाते हैं’ दिग्गज खिलाड़ी ने किसे बताया वर्ल्ड क्रिकेट का दूसरा जैक कैलिस

Written by:Rishabh Namdev
Published:
WTC 2025 Final में एडन मार्करम की ऐतिहासिक शतकीय पारी ने दुनियाभर में क्रिकेट फैंस को दीवाना बना दिया है। आकाश चोपड़ा ने उनकी बल्लेबाजी को जैक कैलिस जैसी ठहराव और क्लास से भरी बताया है। सवाल है कि क्या मार्करम बन सकते हैं आने वाले समय के सबसे भरोसेमंद टेस्ट बल्लेबाज?
‘मुझे जैक कैलिस की याद दिलाते हैं’ दिग्गज खिलाड़ी ने किसे बताया वर्ल्ड क्रिकेट का दूसरा जैक कैलिस

एडन मार्करम ने वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप 2025 के फाइनल में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 136 रनों की शानदार पारी खेली और साउथ अफ्रीका को पहली बार टेस्ट चैंपियन बना दिया। चौथी पारी में लक्ष्य का पीछा करते हुए मार्करम ने जिस आत्मविश्वास और नियंत्रण के साथ बैटिंग की, उसने क्रिकेट जगत को चौंका दिया। उनकी यह पारी सिर्फ रन बनाने की नहीं, बल्कि साउथ अफ्रीका के इतिहास को बदलने की थी।

दरअसल भारत के पूर्व ओपनर और मौजूदा कमेंटेटर आकाश चोपड़ा ने एडन मार्करम की बल्लेबाजी को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि, “मार्करम की बैटिंग में वही ठहराव, क्लास और मैच के हालात को पढ़ने की क्षमता है जो जैक कैलिस में थी। वह साउथ अफ्रीका के पहले बल्लेबाज हैं जिन्होंने ICC टूर्नामेंट के फाइनल में शतक लगाया है और WTC फाइनल की चौथी पारी में सेंचुरी ठोकने वाले पहले खिलाड़ी हैं।”

एडन मार्करम की तुलना कैलिस से

आकाश चोपड़ा ने यह भी कहा कि फाइनल जैसे दबाव भरे मैच में रन बनाना आसान नहीं होता, खासकर तब जब आप IPL की तेज़ क्रिकेट से वापस लौटे हों। मार्करम ने IPL के बाद खुद को टेस्ट मोड में ढालने के लिए शानदार मेंटल शिफ्ट किया, जो किसी भी टॉप क्लास प्लेयर की पहचान होती है। उनके शतक ने साबित कर दिया कि वे वर्ल्ड क्रिकेट के अगले भरोसेमंद टेस्ट बल्लेबाज बन सकते हैं। मार्करम की बल्लेबाजी में जो चीज सबसे खास है, वह उनका क्लासिक तकनीक और शांत स्वभाव है। जैक कैलिस की तरह वह भी क्रीज पर वक्त बिताने में भरोसा रखते हैं और खराब गेंदों को छोड़ने में माहिर हैं। उनके कवर ड्राइव, बैकफुट पंच और स्पिन के खिलाफ फुटवर्क इस बात को दिखाते हैं कि उन्होंने अपने गेम पर काफी मेहनत की है।

अब मिल सकता है साउथ अफ्रीका को परमानेंट हीरो

दरअसल जैक कैलिस एक बेहतरीन ऑलराउंडर थे, जबकि मार्करम सिर्फ बैटिंग करते हैं, लेकिन जिस तरह से वो टेस्ट क्रिकेट को समझते हैं और टीम को मुश्किल हालात से बाहर निकालते हैं, वह उन्हें खास बनाता है। चौथी पारी में 282 रन के लक्ष्य को चेज़ करना आसान नहीं था, लेकिन मार्करम ने उसे लगभग एकतरफा बना दिया। उनके शॉट्स में रिस्क कम और नियंत्रण ज़्यादा था, यही किसी महान खिलाड़ी की पहचान होती है। दरअसल साउथ अफ्रीका के पास पिछले कुछ सालों में कोई परमानेंट टेस्ट हीरो नहीं रहा, लेकिन मार्करम उस खाली जगह को भरने की पूरी क्षमता रखते हैं।

Rishabh Namdev
लेखक के बारे में
मैं ऋषभ नामदेव खेल से लेकर राजनीति तक हर तरह की खबर लिखने में सक्षम हूं। मैं जर्नलिज्म की फील्ड में पिछले 4 साल से काम कर रहा हूं। View all posts by Rishabh Namdev
Follow Us :GoogleNews