एशिया कप के इतिहास में अब तक नहीं हुआ भारत और पाकिस्तान का फाइनल? जानिए क्या है इसके पीछे की वजह!

आज तक एशिया कप के बड़े टूर्नामेंट में भारत और पाकिस्तान का फाइनल मुकाबला देखने को नहीं मिला। ऐसा संयोग कभी भी नहीं बना। क्या एशिया कप 2025 में पाकिस्तान फाइनल में प्रवेश कर पाएगा और भारत भी फाइनल में पहुंचेगा? क्या दोनों टीमों के बीच फाइनल मुकाबला देखने को मिलेगा?
एशिया कप के इतिहास में अब तक नहीं हुआ भारत और पाकिस्तान का फाइनल? जानिए क्या है इसके पीछे की वजह!

14 सितंबर को होने वाले भारत और पाकिस्तान के मुकाबले को लेकर फैन्स बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। एशिया कप 2025 के बड़े टूर्नामेंट में दोनों टीमें आमने-सामने होंगी। इस टूर्नामेंट में भारत और पाकिस्तान तीन बार आमने-सामने हो सकती हैं, लेकिन आज तक कभी ऐसा नहीं हुआ है जब एशिया कप के टूर्नामेंट में भारत और पाकिस्तान के बीच फाइनल खेला गया हो। 8 टीमों के टूर्नामेंट में ऐसा संयोग कभी नहीं बन पाया कि भारत और पाकिस्तान दोनों ने फाइनल में प्रवेश किया हो और मुकाबला देखने को मिला हो।

दरअसल, दोनों टीमों के बीच एशिया कप में कभी फाइनल न होने के कई कारण हैं। इसमें सबसे बड़ा कारण श्रीलंका रहा है। साथ ही टूर्नामेंट के फॉर्मेट और किस्मत भी एक कारण रहे हैं। चलिए जानते हैं कि भारत और पाकिस्तान के बीच एशिया कप में अब तक फाइनल क्यों नहीं खेला गया।

श्रीलंका बना सबसे बड़ा कारण

एशिया कप के इस बड़े फॉर्मेट में दोनों टीमों का फाइनल में न पहुंचने का सबसे बड़ा कारण श्रीलंका रहा है। श्रीलंका एशिया कप की सबसे मजबूत टीमों में से एक रहा है और भारत के बाद सबसे ज्यादा बार खिताब जीता है। जब भी भारत और पाकिस्तान के बीच फाइनल में टक्कर होने की स्थिति बनती है, तो श्रीलंका सेमीफाइनल मुकाबला जीतकर फाइनल में प्रवेश कर जाता है। या तो श्रीलंका पाकिस्तान को हराता है या फिर भारत को। ऐसे में दोनों टीमों के बीच फाइनल की टक्कर नहीं हो पाती। 2008 के एशिया कप में भी भारत और पाकिस्तान की टीमें सुपर-4 में आमने-सामने थीं, लेकिन फाइनल भारत और श्रीलंका के बीच खेला गया था।

फॉर्मेट भी रहा एक कारण

इसका एक और कारण फॉर्मेट भी रहा है। दरअसल, शुरुआती दौर में यह टूर्नामेंट बिना फाइनल के खेला जाता था यानी राउंड-रॉबिन स्टाइल में टूर्नामेंट आयोजित होता था, जिसमें फाइनल नहीं कराया जाता था। जो भी टीम सबसे ज्यादा मैच जीतती और अंक हासिल करती, उसे ही विजेता घोषित किया जाता। यही एक कारण था कि दोनों टीमों के बीच फाइनल देखने को नहीं मिला। लेकिन जब से टूर्नामेंट में फाइनल को शामिल किया गया, उसके बाद भी दोनों टीमों का फाइनल मुकाबला नहीं हुआ क्योंकि दोनों टीमों को एक ही ग्रुप में रखा जाता है। जब भी दोनों टीमें एक ही ग्रुप में होती हैं तो सुपर-4 तक तो दो मैच खेले जाते हैं, लेकिन इसके बाद सेमीफाइनल और फाइनल में हालात उलझ जाते हैं।

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Rishabh Namdev

4 वर्षों का पत्रकारिता अनुभव.

मैं ऋषभ नामदेव खेल से लेकर राजनीति तक हर तरह की खबर लिखने में सक्षम हूं। मैं जर्नलिज्म की फील्ड में पिछले 4 साल से काम कर रहा हूं। View all posts by Rishabh Namdev →
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