भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने श्रीलंका में हुए इंडिया ए और श्रीलंका ए के बीच एक मुकाबले के दौरान युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी और श्रीलंकाई खिलाड़ियों के बीच हुई धक्का-मुक्की और तीखी बहस पर अपनी स्थिति साफ कर दी है। बोर्ड के सचिव देवजीत सैकिया ने स्पष्ट तौर पर कहा है कि BCCI इस मामले में किसी भी तरह का कोई हस्तक्षेप नहीं करेगा और यह पूरी तरह मैच रेफरी के अधिकार का मामला है।
दरअसल यह पूरा मामला ट्राई सीरीज के एक अहम मैच के बाद चर्चा में आया था, जहां श्रीलंका ए ने सुपर ओवर में इंडिया ए के खिलाफ रोमांचक जीत दर्ज की थी। जीत के बाद श्रीलंकाई खिलाड़ियों ने कथित तौर पर वैभव सूर्यवंशी को उकसाने वाली कुछ बातें कहीं, जिसके बाद 15 वर्षीय भारतीय बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी उन खिलाड़ियों के पास गए और फिर मामला धक्का-मुक्की तक पहुंच गया। मैदान पर हुई इस घटना ने क्रिकेट जगत में अलग-अलग प्रतिक्रियाएं पैदा की हैं और हर कोई इस पर अपनी राय दे रहा है।
BCCI की आधिकारिक प्रतिक्रिया आई सामने
वहीं कुछ क्रिकेट प्रेमी और जानकार युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी के समर्थन में नजर आ रहे हैं। उनका मानना है कि इतनी कम उम्र में मैदान पर ऐसा जोश स्वाभाविक है और इसे खेल का हिस्सा माना जाना चाहिए। वहीं कुछ लोग ऐसे भी हैं जो उन्हें अपना आपा खोने के लिए आलोचना कर रहे हैं और कह रहे हैं कि उन्हें संयम बनाए रखना चाहिए था। इस पूरे मामले पर अब भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) की आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार था, जो अब सामने आ गई है और बोर्ड ने अपना रुख साफ कर दिया है।
BCCI नहीं देगा दखल
बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया ने इस पूरे विवाद पर विराम लगाते हुए साफ किया है कि वैभव सूर्यवंशी और श्रीलंका ए के खिलाड़ियों के बीच हुई इस बहस के मामले में भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) किसी भी तरह से दखल नहीं देगा। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) के नियमों के तहत ऐसे मामलों में मैच रेफरी और अंपायर ही अंतिम फैसला लेने के लिए अधिकृत होते हैं और उन्हीं का फैसला सबसे महत्वपूर्ण होता है। इसमें बोर्ड की कोई भूमिका नहीं होती।
जानिए बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया ने क्या कहा?
सैकिया ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि, “सोशल मीडिया पर इस घटना को लेकर कई तरह की बातें चल रही हैं, जिनमें यह भी कहा जा रहा है कि BCCI इस पर कोई कार्रवाई करने पर विचार कर रहा है। लेकिन क्या आप सच में चाहते हैं कि BCCI मैच रेफरी के अधिकार में दखल दे? यह बिल्कुल गलत होगा और ऐसा करना नियमों के खिलाफ होगा।” उन्होंने आगे साफ किया कि ऐसे मामलों में BCCI के पास न तो कार्रवाई करने का कोई अधिकार है और न ही वह ऐसा कर सकता है, क्योंकि यह उसके अधिकार क्षेत्र से बाहर का मामला है।
दखल देने का कोई अधिकार नहीं: देवजीत सैकिया
देवजीत सैकिया ने अपनी बात को और स्पष्ट करते हुए कहा, “हमें उस क्षेत्र में बिल्कुल भी दखल नहीं देना चाहिए जहां मैच रेफरी और अंपायर ही मैदान पर होने वाली घटनाओं के बारे में फैसला लेने के लिए मुख्य अधिकारी होते हैं। BCCI के पास कोई कार्रवाई करने या खेल के संचालन में सीधे तौर पर दखल देने का कोई अधिकार नहीं है। जो कुछ भी मैदान पर हुआ, वह खेल का ही एक हिस्सा था और BCCI के अपने नियमों और ICC के नियमों के तहत बोर्ड की ऐसे मामलों में कोई भूमिका नहीं होती और न ही वह इसमें हस्तक्षेप कर सकता है।”
उन्होंने आगे कहा कि, “इस तरह के मामलों में पूरी जिम्मेदारी मैच रेफरी की ही होती है। अगर मैदान पर कुछ गलत होता है, तो अंपायर या रेफरी ही उस पर फैसला लेंगे। इसके लिए पहले से ही एक व्यवस्थित व्यवस्था बनी हुई है और वह उसी के अनुसार काम करती है। बातें तो बहुत सारी हो रही हैं, लेकिन मैं आपको भरोसा दिलाना चाहता हूं कि ये सभी बेबुनियाद हैं। BCCI मैच रेफरी के अधिकार क्षेत्र में बिल्कुल भी दखल नहीं देगा, जो कि इस मामले में जिम्मेदार अधिकारी हैं। अगर मैदान पर किसी खिलाड़ी या किसी क्रिकेट गतिविधि से जुड़ी कोई गलत बात होती है, तो संबंधित अधिकारी ही उससे निपटेंगे और बोर्ड इसमें कोई हस्तक्षेप नहीं करेगा।”






