इंग्लैंड ने क्रिकेट की अनिश्चितताओं को सच साबित करते हुए सुपर-8 के एक रोमांचक मुकाबले में मेजबान श्रीलंका को 51 रनों से करारी शिकस्त दी है। यह जीत इंग्लैंड के लिए किसी चमत्कार से कम नहीं है, क्योंकि टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए केवल 146 रनों का स्कोर खड़ा किया था। जवाब में, अपने घरेलू मैदान पर खेल रही श्रीलंकाई टीम ताश के पत्तों की तरह बिखर गई और 95 रनों पर ऑलआउट हो गई।
इस जीत के हीरो रहे इंग्लैंड के गेंदबाज, खासकर जोफ्रा आर्चर और विल जैक्स, जिन्होंने शुरुआती ओवरों में ही श्रीलंकाई बल्लेबाजी की कमर तोड़ दी। पल्लेकेले स्टेडियम में हुए इस मैच में गेंदबाजों का ऐसा दबदबा रहा कि दोनों पारियों में कुल 19 विकेट गिरे।
आर्चर और जैक्स ने बरपाया कहर
147 रनों के मामूली लक्ष्य का पीछा करने उतरी श्रीलंकाई टीम की शुरुआत बेहद खराब रही। इंग्लैंड के तेज गेंदबाज जोफ्रा आर्चर और स्पिनर विल जैक्स ने अपनी धारदार गेंदबाजी से श्रीलंकाई बल्लेबाजों को क्रीज पर टिकने का मौका ही नहीं दिया। एक समय श्रीलंका का स्कोर मात्र 34 रन पर 5 विकेट हो गया था, जिससे टीम उबर ही नहीं पाई।
विल जैक्स इस मैच में इंग्लैंड के सबसे सफल गेंदबाज रहे, उन्होंने 3 महत्वपूर्ण विकेट चटकाए। वहीं, जोफ्रा आर्चर ने 2 विकेट लेकर शुरुआती झटके दिए। उनके अलावा आदिल रशीद और लियाम डॉसन ने भी किफायती गेंदबाजी करते हुए दो-दो विकेट अपने नाम किए, जबकि जेमी ओवर्टन को एक सफलता मिली।
कप्तान शनाका की जुझारू पारी भी नाकाफी
एक छोर पर जहां विकेटों का पतझड़ जारी था, वहीं दूसरे छोर पर श्रीलंकाई कप्तान दासुन शनाका ने संघर्ष जारी रखा। उन्होंने 24 गेंदों पर 30 रनों की एक जुझारू पारी खेली, लेकिन उन्हें किसी अन्य बल्लेबाज का साथ नहीं मिला। उनके आउट होते ही श्रीलंका की जीत की आखिरी उम्मीद भी खत्म हो गई और पूरी टीम 20 ओवर भी नहीं खेल सकी।
इससे पहले, टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी इंग्लैंड की टीम भी श्रीलंकाई गेंदबाजों के सामने संघर्ष करती नजर आई और 146 रन ही बना सकी। लेकिन इंग्लैंड के गेंदबाजों ने साबित कर दिया कि कम स्कोर वाले मैच में भी दबाव बनाकर जीत हासिल की जा सकती है। यह हार श्रीलंका के लिए सुपर-8 अभियान में एक बड़ा झटका है।






