इस समय टी20 वर्ल्ड कप 2026 को लेकर विवाद देखा जा रहा है। 7 फरवरी से यह बड़ा टूर्नामेंट शुरू होगा और 8 मार्च तक खेला जाएगा। भारत और श्रीलंका द्वारा संयुक्त रूप से इसकी मेजबानी की जाएगी। टूर्नामेंट में अब केवल तीन सप्ताह से भी कम का समय बचा है। सबसे बड़ा मुद्दा इस समय पाकिस्तानी मूल के खिलाड़ियों के वीजा को लेकर बना हुआ है। मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो पाकिस्तानी मूल के लगभग 42 क्रिकेटरों और अधिकारियों के वीजा को अब तक मंजूरी नहीं मिल पाई है।
यही कारण है कि अब तक कई देशों ने टी20 वर्ल्ड कप 2026 के लिए अपने स्क्वाड का ऐलान नहीं किया है। फिलहाल इस मामले में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) की ओर से दखल दिया जा चुका है। अब तक अमेरिका की टीम ने भी अपने स्क्वाड का ऐलान नहीं किया है।
इन खिलाड़ियों का वीजा हो चुका है क्लियर
जानकारी दे दें कि अमेरिका की टीम में अली खान और शयन जहांगीर पाकिस्तानी मूल के खिलाड़ी हैं, जबकि नीदरलैंड्स और इंग्लैंड की टीम में भी पाकिस्तानी मूल के खिलाड़ी मौजूद हैं। वहीं मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो आदिल रशीद, रेहान अहमद और साकिब महमूद का वीजा क्लियर हो चुका है। ये टी20 वर्ल्ड कप 2026 के लिए टीम के स्क्वाड में शामिल हैं। उन्हें वीजा दिलाने की जिम्मेदारी भी आईसीसी ने संभाल रखी है। आईसीसी की ओर से लगातार भारतीय उच्चायोग के साथ संपर्क बनाया हुआ है, जिससे सभी खिलाड़ियों और अधिकारियों को बिना किसी देरी और दिक्कत के वीजा मिल सके।
इन देशों के खिलाड़ियों को वीजा मिलने में देरी
दरअसल, वीजा हासिल करने की अंतिम तारीख 31 जनवरी रखी गई है। ऐसे में जिन देशों के खिलाड़ियों का वीजा अब तक क्लियर नहीं हुआ है, उनके लिए चिंताएं बढ़ रही हैं। इन देशों में खासतौर पर बांग्लादेश, यूएई, इटली और कनाडा शामिल हैं। रिपोर्ट्स की मानें तो इनके लिए वीजा अपॉइंटमेंट करीब तीन सप्ताह पहले शेड्यूल किए गए थे और अब यह प्रक्रिया अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। जो पाकिस्तानी खिलाड़ियों के वीजा लटके हुए हैं, उनके वीजा को मंजूरी दिए जाने से पहले कई विभागों से क्लीयरेंस चाहिए होता है। सबसे अंतिम और महत्वपूर्ण गृह मंत्रालय का क्लीयरेंस होता है। यही वजह है कि टी20 वर्ल्ड कप 2026 के लिए पाकिस्तानी मूल के खिलाड़ियों को वीजा मिलने में देरी हो रही है।





