टी-20 वर्ल्ड कप 2026 में अपनी पहली जीत की तलाश में आयरलैंड और ओमान शनिवार को कोलंबो के सिंहली स्पोर्ट्स क्लब में आमने-सामने होंगे। ग्रुप-बी की ये दोनों टीमें अब तक अपना खाता नहीं खोल पाई हैं और पॉइंट्स टेबल में सबसे निचले पायदान पर हैं। सुपर-8 की दौड़ में बने रहने के लिए यह मुकाबला दोनों के लिए ‘करो या मरो’ जैसा है, लेकिन इस अहम मैच से पहले आयरलैंड की टीम को एक बड़ा झटका लगा है।
टीम के नियमित कप्तान और अनुभवी बल्लेबाज पॉल स्टर्लिंग घुटने की चोट के कारण पूरे टूर्नामेंट से बाहर हो गए हैं। उनकी गैरमौजूदगी में टीम की मुश्किलें और बढ़ गई हैं।
कप्तान स्टर्लिंग बाहर, टेक्टर संभाल सकते हैं कमान
ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पिछले मैच में फील्डिंग के दौरान कैच लेते समय पॉल स्टर्लिंग का घुटना चोटिल हो गया था। बाद में बल्लेबाजी करते हुए उनकी तकलीफ और बढ़ गई, जिसके बाद उन्हें रिटायर्ड हर्ट होकर पवेलियन लौटना पड़ा। अब यह पुष्टि हो गई है कि वह टूर्नामेंट के बाकी मैचों में नहीं खेल पाएंगे।
उनकी जगह 20 वर्षीय अनकैप्ड खिलाड़ी सैम टॉपिंग को स्क्वॉड में शामिल किया गया है। स्टर्लिंग की अनुपस्थिति में हैरी टेक्टर टीम की कप्तानी की जिम्मेदारी संभाल सकते हैं। वहीं, ओपनिंग में रॉस अडायर के साथ टिम टेक्टर को मौका दिया जा सकता है।
क्या ओमान उठाएगा मौके का फायदा?
ओमान की टीम भी इस वर्ल्ड कप में अब तक लय हासिल नहीं कर पाई है। जिम्बाब्वे और श्रीलंका के खिलाफ उसे करारी हार का सामना करना पड़ा। खासकर श्रीलंका के खिलाफ उसकी बल्लेबाजी पूरी तरह बिखर गई थी। हालांकि, कोलंबो की धीमी पिच ओमान के स्पिन गेंदबाजों के लिए मददगार साबित हो सकती है। अगर ओमान के स्पिनर्स मध्य ओवरों में आयरिश बल्लेबाजों पर दबाव बनाने में सफल रहे, तो मैच रोमांचक हो सकता है।
टीम मैनेजमेंट प्लेइंग-11 में कुछ बदलाव पर विचार कर सकता है, जिसमें सुफियान महमूद की जगह शफीक जान को मौका मिल सकता है।
हेड-टू-हेड और पिच का मिजाज
टी-20 इंटरनेशनल में आयरलैंड और ओमान के बीच अब तक 6 मुकाबले हुए हैं, जिसमें आयरलैंड ने 4 और ओमान ने 2 में जीत दर्ज की है। बड़े मंच पर खेलने का अनुभव आयरलैंड को मजबूत बनाता है, लेकिन स्टर्लिंग के बिना उनकी बल्लेबाजी की गहराई परखी जाएगी। अब तक टीम के लिए जॉर्ज डॉकरेल ने अच्छा प्रदर्शन किया है, जिन्होंने दो मैचों में 50 रन बनाने के साथ-साथ 3 विकेट भी लिए हैं।
कोलंबो के सिंहली स्पोर्ट्स क्लब की पिच पारंपरिक रूप से धीमी रहती है, जहाँ स्पिनरों को काफी मदद मिलती है। यहां औसत स्कोर 150-160 के आसपास रहता है। दूसरी पारी में पिच और धीमी हो जाती है, इसलिए टॉस जीतने वाली टीम पहले बल्लेबाजी करना पसंद कर सकती है।





