“33 के औसत वाले की कमी नहीं खलेगी” माइकल वॉन ने विराट कोहली के इंग्लैंड रिकॉर्ड पर कसा तंज

इंग्लैंड के पूर्व कप्तान माइकल वॉन ने कहा कि विराट कोहली का इंग्लैंड में औसत सिर्फ 33 का रहा है, ऐसे में भारतीय टीम को मैदान पर उनकी गैरमौजूदगी से फर्क नहीं पड़ेगा। हालांकि उन्होंने माना कि ड्रेसिंग रूम में कोहली की मौजूदगी का कोई मुकाबला नहीं है।
Virat Kohli

भारत और इंग्लैंड के बीच टेस्ट सीरीज का पहला मुकाबला लीड्स में शुरू हो चुका है और टीम इंडिया एक नए युग में प्रवेश कर रही है। शुभमन गिल की कप्तानी में भारत मैदान पर उतरा है, लेकिन विराट कोहली और रोहित शर्मा जैसे दिग्गज इस सीरीज से बाहर हैं। इस पर इंग्लैंड के पूर्व कप्तान माइकल वॉन ने विवादित बयान दिया है। उनका कहना है कि इंग्लैंड में विराट कोहली का प्रदर्शन औसत रहा है और टीम को उनकी बल्लेबाजी की कमी नहीं खलेगी।

दरअसल फॉक्स क्रिकेट से बात करते हुए माइकल वॉन ने कहा कि “कोहली बेहतरीन खिलाड़ी हैं और भारतीय क्रिकेट में एक नई सोच और आक्रामकता लाए थे। लेकिन अगर बात इंग्लैंड में उनके रिकॉर्ड की करें, तो उन्होंने 17 टेस्ट में सिर्फ 33 की औसत से रन बनाए हैं। ऐसे खिलाड़ी को आप बहुत मिस नहीं करेंगे। हां, ड्रेसिंग रूम में उनकी जो मौजूदगी और असर होता है, वो जरूर अहम है।” माइकल वॉन के इस बयान को लेकर सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई है। दरअसल कुछ फैंस ने इसे कोहली की आलोचना बताया तो कुछ ने इसे एक सच्ची क्रिकेट सलाह की तरह देखा।

इंग्लैंड में विराट कोहली का रिकॉर्ड कैसा रहा है?

बता दें कि विराट कोहली ने अब तक इंग्लैंड की सरजमीं पर तीन टेस्ट सीरीज खेली हैं। 2014 का दौरा उनके करियर का सबसे खराब रहा, जहां वह 134 रन ही बना सके। लेकिन उन्होंने 2018 में शानदार वापसी की और पांच टेस्ट में 593 रन जड़े। कुल मिलाकर कोहली ने इंग्लैंड में 17 टेस्ट मैचों में 33.21 की औसत से 1096 रन बनाए हैं, जिसमें 2 शतक शामिल हैं। हालांकि यह आंकड़ा उनके करियर के बाकी हिस्सों के मुकाबले कमजोर जरूर है, लेकिन उनकी आक्रामक कप्तानी और आत्मविश्वास ने टीम इंडिया को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है।

क्या विराट कोहली की कमी खलेगी?

हालांकि भले ही माइकल वॉन कह रहे हों कि टीम को कोहली की बल्लेबाजी की कमी नहीं खलेगी, लेकिन हकीकत यह है कि विराट कोहली सिर्फ एक बल्लेबाज नहीं, बल्कि मैदान पर ऊर्जा और आत्मविश्वास का प्रतीक हैं। वह विपक्षी खिलाड़ियों पर मानसिक दबाव बनाते हैं और टीम के लिए मुश्किल वक्त में लीडरशिप दिखाते हैं। उनकी अनुपस्थिति में युवा खिलाड़ी जैसे शुभमन गिल, यशस्वी जायसवाल और ऋषभ पंत को बड़ी जिम्मेदारी निभानी होगी। यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या ये युवा सितारे मैदान पर कोहली की भरपाई कर पाएंगे या नहीं।

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Rishabh Namdev

4 वर्षों का पत्रकारिता अनुभव.

मैं ऋषभ नामदेव खेल से लेकर राजनीति तक हर तरह की खबर लिखने में सक्षम हूं। मैं जर्नलिज्म की फील्ड में पिछले 4 साल से काम कर रहा हूं। View all posts by Rishabh Namdev →
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