भारतीय क्रिकेट के इतिहास में रोहित शर्मा का एक रिकॉर्ड बेहद चर्चा में रहा है। श्रीलंका के खिलाफ रोहित शर्मा ने 264 रन का महा रिकॉर्ड बनाकर क्रिकेट जगत में चर्चाएं छेड़ दी थीं, लेकिन अब आखिरकार रोहित शर्मा का 264 रन का रिकॉर्ड टूट गया है। दरअसल, तमिलनाडु के नारायण जगदीशन ने लिस्ट ए क्रिकेट में 141 गेंदों पर 277 रनों की शानदार पारी खेलते हुए इतिहास रच दिया है। हैरानी की बात यह है कि नारायण जगदीशन को कई बार भारतीय टीम के स्क्वॉड में शामिल किया गया, लेकिन कभी भी उन्हें प्लेइंग 11 में जगह नहीं दी गई। क्या इस तूफानी पारी के बाद अब आखिरकार उनका भारत में डेब्यू होगा?
भारतीय स्टार बल्लेबाज रोहित शर्मा का 264 रनों का रिकॉर्ड सालों से दुनिया में अटूट बना हुआ था, लेकिन भारतीय बल्लेबाज नारायण जगदीशन ने इसे तोड़ दिया और इतिहास रच दिया। जगदीशन ने घरेलू वनडे में ऐसा धमाका किया कि पूरी दुनिया उन्हें देखती रह गई।
141 गेंदों पर 277 रन
दरअसल, नारायण जगदीशन ने लिस्ट ए क्रिकेट में सिर्फ 141 गेंदों पर 277 रन बना दिए। अपनी पारी में जगदीशन ने 25 चौके और 15 छक्के लगाए। उन्होंने लगभग हर ओवर में एक बाउंड्री लगाई, जिसके चलते उन्होंने रोहित शर्मा के 264 रन के महा रिकॉर्ड को तोड़ दिया। हालांकि, उन्होंने यह कमाल इंटरनेशनल क्रिकेट में नहीं किया है। ऐसे में इंटरनेशनल क्रिकेट में फिलहाल रोहित शर्मा के नाम ही सबसे बड़ा व्यक्तिगत स्कोर है, लेकिन क्रिकेट की दुनिया में जगदीशन ने इस रिकॉर्ड को तोड़कर सभी को हैरान कर दिया है। घरेलू टूर्नामेंट में उन्होंने शानदार पारी खेली। इस तूफानी प्रदर्शन के बाद नारायण जगदीशन सुर्खियों में आ गए और सबसे बड़ा सवाल यही रहा कि आखिर अब तक उन्हें भारतीय टीम में मौका क्यों नहीं दिया गया है।
तमिलनाडु की टीम ने कुल 506 रन बना डाले
न सिर्फ नारायण जगदीशन ने, बल्कि इस दौरान तमिलनाडु की टीम ने भी बड़ा रिकॉर्ड अपने नाम दर्ज कर लिया। मैच में तमिलनाडु की टीम ने कुल 506 रन बना डाले, जो भारतीय घरेलू क्रिकेट में अब तक का सबसे बड़ा स्कोर रहा है। नारायण जगदीशन की शानदार पारी के अलावा साईं सुदर्शन ने भी 154 रनों की ताबड़तोड़ पारी खेली। साईं सुदर्शन और नारायण जगदीशन ने मिलकर 416 रनों की बड़ी साझेदारी की और तमिलनाडु को 506 रनों के स्कोर तक पहुंचा दिया तथा इतिहास में नाम दर्ज करवा दिया। लंबे समय से नारायण जगदीशन रणजी ट्रॉफी, सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी और विजय हजारे ट्रॉफी जैसे घरेलू क्रिकेट टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्हें इंग्लैंड के खिलाफ खेली गई टेस्ट सीरीज में भी भारतीय टीम के स्क्वॉड का हिस्सा बनाया गया था, लेकिन उन्हें डेब्यू करने का मौका नहीं मिला।





