
नेशनल स्पोर्ट्स गवर्नेंस बिल मंगलवार को लोकसभा के बाद राज्यसभा में भी पास हो गया। दरअसल, नेशनल एंटी डोपिंग संशोधन बिल 2025 को खेल मंत्री ने अब तक का सबसे बड़ा खेल सुधार बताया है। यह बिल केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडवीया ने पेश किया। इस बिल का उद्देश्य भारत में खेल प्रशासन को और ज्यादा मजबूत बनाना है। 1975 में इस बिल को लाने की शुरुआत की गई थी, लेकिन अब तक यह बिल नहीं लाया जा सका था। लेकिन अब यह बिल लोकसभा और राज्यसभा दोनों में पास हो चुका है।
वहीं इसे लेकर खेल मंत्री मनसुख मांडवीया ने कहा कि आजादी के बाद यह सबसे बड़ा खेल सुधार है। इस बिल में जवाबदेही, न्याय और बेहतर गवर्नेंस खेल संघों द्वारा सुनिश्चित की जाएगी। यह बिल देश के खेल तंत्र के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।
इस बिल से क्या बदलाव होंगे?
बता दें कि इस बिल में एक नया बोर्ड बनाने की बात की गई है नेशनल स्पोर्ट्स बोर्ड, जो सभी खिलाड़ियों की जवाबदेही तय करेगा। इस बोर्ड के बिना कोई भी संस्था सरकार से फंड नहीं ले सकेगी। बीसीसीआई को भी NSF के रूप में रजिस्टर्ड करना होगा। यह बिल कई मायनों में अहम है, क्योंकि 2028 में लॉस एंजेल्स ओलंपिक में क्रिकेट को शामिल किया गया है। T20 फॉर्मेट में क्रिकेट खेला जाएगा। ऐसे में इस बड़े टूर्नामेंट से पहले यह बिल आना और पास हो जाना बेहद बड़ा बदलाव हो सकता है।
इन मुद्दों को लेकर भी बिल अहम
वहीं इसके अलावा, इस बिल की एक और खासियत है कि इसमें नेशनल स्पोर्ट्स ट्रिब्यूनल पर बात की गई है। यह एक तरह की न्यायिक संस्था होगी, जिसके पास कई तरह की शक्तियां होंगी, जैसे अदालत के पास होती हैं। इस संस्था द्वारा ही खिलाड़ियों और संगठनों के बीच होने वाले विवाद को सुलझाया जाएगा। हालांकि, इस संस्था के फैसलों को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी जा सकेगी। इसके अलावा, इंटरनेशनल एसोसिएशन की परमिशन के बाद ही स्पोर्ट्स एसोसिएशन में पदाधिकारी बन पाएंगे। इसके साथ ही अब प्रशासकों की उम्र सीमा भी बढ़ाकर 75 वर्ष कर दी गई है, जो पहले 70 वर्ष थी।
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