Cricket News : एशिया कप का पाकिस्तान ने 1990-91 में किया था बहिष्कार !

पाकिस्तान ने 1990-91 में भारत में आयोजित एशिया कप का बहिष्कार किया था, जिसका कारण दोनों देशों के बीच राजनीतिक तनाव था। यह टूर्नामेंट एक बार रद्द भी हो चुका है।
Cricket News : एशिया कप का पाकिस्तान ने 1990-91 में किया था बहिष्कार !

पाकिस्तान ने 1990-91 में भारत में हुए एशिया कप का बहिष्कार किया था, जिसका मुख्य कारण दोनों देशों के बीच बढ़ता राजनीतिक तनाव था। इस बहिष्कार के पीछे भारत की कश्मीर नीति के खिलाफ पाकिस्तान का विरोध था। उस समय कश्मीर में पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद तेजी से फैल रहा था।

एशिया कप में पाकिस्तान के साथ खेलने को लेकर भारत में आक्रोश बढ़ रहा है। सोशल मीडिया पर लोग एशिया कप के बहिष्कार की मांग कर रहे हैं, खासकर पहलगाम आतंकी हमले के संदर्भ में। कुछ लोग पाकिस्तान के उदाहरण का हवाला देते हुए इस बहिष्कार की मांग कर रहे हैं। भारत-पाकिस्तान तनाव के कारण एक बार एशिया कप को रद्द भी किया गया था।

1986 में भारत ने एशिया कप में हिस्सा नहीं लिया?

भारत ने 1986 में एशिया कप में भाग नहीं लिया था, लेकिन इसका कारण बहिष्कार नहीं था। उस समय श्रीलंका में हालात बेहद खराब थे, जिसके कारण भारतीय सरकार ने सुरक्षा कारणों से बीसीसीआई को टूर्नामेंट से दूर रहने का निर्देश दिया था। इस वजह से केवल तीन टीमें- श्रीलंका, पाकिस्तान और बांग्लादेश ने ही प्रतियोगिता में भाग लिया।

1990-91 में चौथा एशिया कप भारत में हुआ था और इस बार पाकिस्तान ने इमरान खान की अगुआई में टूर्नामेंट का बहिष्कार किया। पाकिस्तान ने भारत के साथ राजनीतिक तनाव को इस बहिष्कार का कारण बताया। हालांकि, भारत ने फाइनल में श्रीलंका को हराकर कप पर कब्जा किया।

1993 में एशिया कप क्यों रद्द हुआ?

पाकिस्तान द्वारा 1990-91 के एशिया कप का बहिष्कार करने के बाद दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय क्रिकेट संबंध समाप्त हो गए। इसके परिणामस्वरूप 1993 में होने वाले एशिया कप को रद्द करना पड़ा। यह टूर्नामेंट 1995 में फिर से शुरू हुआ, जिसमें सभी मैच यूएई के शारजाह में खेले गए।

1997-98 में भारत ने पाकिस्तान का दौरा किया, जिससे दोनों देशों के बीच क्रिकेट संबंध बहाल हुए। हालांकि, पिछले कई वर्षों से दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय क्रिकेट नहीं हो रहा है। भारत ने स्पष्ट किया है कि पाकिस्तान को आतंकवाद पर नियंत्रण करना होगा, तभी द्विपक्षीय क्रिकेट मुकाबले संभव होंगे।

Gaurav Sharma
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