Ranji Trophy: BCCI ने लिया बड़ा फैसला, दो फेज में खेला जाएगा आगामी रणजी ट्रॉफी का सीजन, जानिए क्यों लिया गया यह निर्णय

Ranji Trophy: आने वाले रणजी ट्रॉफी सीजन को दो अलग-अलग फेजों में खेला जाएगा। जानकारी के मुताबिक बीसीसीआई ने यह निर्णय खिलाड़ियों के वर्कलोड को कम करने के लिए लिया है।
Ranji Trophy: BCCI ने लिया बड़ा फैसला, दो फेज में खेला जाएगा आगामी रणजी ट्रॉफी का सीजन, जानिए क्यों लिया गया यह निर्णय

Ranji Trophy: भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने घरेलू क्रिकेट में महत्वपूर्ण बदलाव किया हैं। दरअसल आने वाले रणजी ट्रॉफी सीजन को दो अलग-अलग फेजों में खेला जाएगा। जानकारी के मुताबिक बीसीसीआई ने यह निर्णय खिलाड़ियों के वर्कलोड को कम करने के लिए लिया है। नए नियम के अनुसार अब आने वाले रणजी ट्रॉफी के सीजन से हर टीम को अपने पहले पांच-पांच लीग मैच खेलने होंगे। पांच लीग मैच हो जाने के बाद, टीम को सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी और विजय हजारे ट्रॉफी खेलना होगी। इन दोनों ट्रॉफी के बाद टीम फिर से, रणजी ट्रॉफी में शेष लीग मैच और नॉकआउट मुकाबले खेलेगी।

नए नियम को लेकर बोले जय शाह:

दरअसल इस विषय पर बीसीसीआई के सचिव जय शाह ने एक बयान दिया है। उसमें जय शाह ने बताया कि “घरेलू क्रिकेट का सीजन दलीप ट्रॉफी टूर्नामेंट के साथ आरंभ होगा, जिसमें चार टीमें शामिल होंगी जिन्हें नेशनल सेलेक्टर्स द्वारा चुना जाएगा। इसके बाद, ईरानी कप टूर्नामेंट आयोजित किया जाएगा। दलीप ट्रॉफी और ईरानी कप के पश्चात, रणजी ट्रॉफी के पहले पांच लीग मैच खेले जाएंगे। सैयद मुश्ताक अली टी20 टूर्नामेंट और विजय हजारे ट्रॉफी के बाद, रणजी ट्रॉफी के शेष दो लीग मैच और नॉकआउट मुकाबले होंगे।”

शार्दुल ठाकुर ने दिया था यह सुझाव:

जानकारी के अनुसार शार्दुल ठाकुर की शिकायत के पश्चात, रणजी मैचों के बीच गैप को बढ़ाने का निर्णय लिया गया है। आपको जानकारी दे दें कि अभी तक, किसी भी टीम के दो रणजी मैचों में सिर्फ 3 दिनों का ही अंतराल होता था। जबकि शार्दुल ठाकुर ने इसको लेकर सुझाव दिया था कि खिलाड़ियों को चोटिल होने से बचाया जा सके इसके लिए रणजी मैचों के बीच गैप को विस्तारित किया जाना चाहिए। इस प्रस्ताव को ध्यान में रखते हुए, बीसीसीआई ने इस पर निर्णय किया है। सचिव जय शाह ने बताया कि “मैचों के बीच गैप को बढ़ाकर, खिलाड़ियों को पूरे सीजन में खेलने के लिए पर्याप्त समय मिलेगा और वे अपनी स्थिति को सुधार सकें।”

एक और बड़ा बदलाव किया गया:

दरअसल सीके नायडू (अंडर-23) ट्रॉफी में टॉस की प्रक्रिया अब समाप्त हो गई है। जानकारी के अनुसार अब मैच की शुरुआत से पहले ही, मेहमान टीम को चुनाव के लिए अधिकार दिया जाएगा कि वे पहले बैटिंग करना चाहेंगे या फिर फील्डिंग। इसके साथ ही, सीके नायडू ट्रॉफी में एक और महत्वपूर्ण बदलाव किया गया है, जिसमें नया प्वाइंट सिस्टम शामिल होगा। इसके अनुसार, जब पहली पारी खेली जाएगी, तो बल्लेबाजी और गेंदबाजी के अनुसार अंक प्रदान किए जाएंगे। साथ ही, पहली पारी में बढ़त या जीत हासिल करने पर भी अतिरिक्त अंक प्रदान किए जाएंगे ताकि बल्लेबाजी और गेंदबाजी के प्रदर्शन को प्रोत्साहित किया जा सके।

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Rishabh Namdev

4 वर्षों का पत्रकारिता अनुभव.

मैं ऋषभ नामदेव खेल से लेकर राजनीति तक हर तरह की खबर लिखने में सक्षम हूं। मैं जर्नलिज्म की फील्ड में पिछले 4 साल से काम कर रहा हूं। View all posts by Rishabh Namdev →
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