व्यक्तिगत त्रासदी से उबरकर राष्ट्रीय कर्तव्य के लिए भारतीय क्रिकेटर रिंकू सिंह कोलकाता में टीम इंडिया के कैंप में शामिल होने के लिए तैयार हैं। कुछ दिन पहले ही अपने पिता को खोने वाले रिंकू सिंह के 1 मार्च को वेस्टइंडीज के खिलाफ होने वाले महत्वपूर्ण सुपर-8 मुकाबले के लिए उपलब्ध रहने की खबर है। यह मैच भारत के लिए ‘करो या मरो’ की स्थिति वाला है।
पिता को दी अंतिम विदाई, अब देश के लिए संभालेंगे मोर्चा
27 फरवरी को रिंकू सिंह के पिता खानचंद सिंह का लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया था। वह लीवर कैंसर की चौथी स्टेज से जूझ रहे थे और ग्रेटर नोएडा के यथार्थ अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था। पिता के निधन की खबर मिलते ही रिंकू अलीगढ़ स्थित अपने घर पहुंचे और अंतिम संस्कार की सभी जिम्मेदारियां निभाईं। उन्होंने अपने पिता की अर्थी को कंधा दिया, जबकि उनके बड़े भाई सोनू ने मुखाग्नि दी।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, रिंकू के भाई ने इस बात की पुष्टि की है कि वह कोलकाता के लिए निकल चुके हैं। इस कठिन समय के बावजूद, रिंकू ने टीम के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दिखाई है।
सेमीफाइनल का टिकट दांव पर
कोलकाता के ऐतिहासिक ईडन गार्डन्स में होने वाला भारत बनाम वेस्टइंडीज मुकाबला बेहद अहम है। यह एक नॉकआउट मैच की तरह है, जहां जीतने वाली टीम सेमीफाइनल में अपनी जगह पक्की कर लेगी। सुपर-8 के इस ग्रुप से दक्षिण अफ्रीका पहले ही अंतिम चार में प्रवेश कर चुकी है, जबकि जिम्बाब्वे की टीम टूर्नामेंट से बाहर हो चुकी है। अब दूसरी सेमीफाइनलिस्ट का फैसला इसी मैच के नतीजे से होगा।
यह याद रखना महत्वपूर्ण है कि रिंकू सिंह जिम्बाब्वे के खिलाफ पिछले मैच में नहीं खेले थे। उनकी अनुपस्थिति में संजू सैमसन को प्लेइंग इलेवन में मौका मिला था, जिन्होंने 15 गेंदों पर 24 रनों की पारी खेली थी। अब देखना यह होगा कि क्या टीम प्रबंधन इस निर्णायक मुकाबले में अपने फिनिशर रिंकू सिंह पर भरोसा जताता है या नहीं।






