भारत के पड़ोसी देश का बड़ा कारनामा, पहली बार इस टीम को उसी के घर में हराया

बांग्लादेश की टीम ने श्रीलंका दौरे का अंत मेजबान टीम के खिलाफ तीन मैचों की टी20 सीरीज को 2-1 से अपने नाम करके किया। इस सीरीज का आखिरी मैच कोलंबो के आर प्रेमदासा स्टेडियम में खेला गया। इससे पहले उसे टेस्ट और वनडे सीरीज में हार का सामना करना पड़ा था।
भारत के पड़ोसी देश का बड़ा कारनामा, पहली बार इस टीम को उसी के घर में हराया

कोलंबो के मशहूर आर प्रेमदासा स्टेडियम में खेले गए तीसरे और निर्णायक टी20 मुकाबले में बांग्लादेश ने मेजबान श्रीलंका को हराकर तीन मैचों की सीरीज 2-1 से अपने नाम कर ली। यह मुकाबला दोनों टीमों के लिए रोमांच से भरा रहा, लेकिन बांग्लादेश की चतुर रणनीति और खिलाड़ियों की शानदार फॉर्म ने उन्हें यह ऐतिहासिक जीत दिलाई। श्रीलंका की धरती पर पहली बार टी20 सीरीज जीतने का यह लम्हा बांग्लादेश क्रिकेट के लिए बेहद खास है।

बांग्लादेशी गेंदबाजों का दबदबा

मैच में टॉस जीतकर श्रीलंका ने पहले बल्लेबाजी चुनी, लेकिन उनकी शुरुआत उम्मीद के मुताबिक नहीं रही। 20 ओवर में 7 विकेट के नुकसान पर श्रीलंका ने 132 रन बनाए। पथुम निस्सान्का ने 46 रनों की जुझारू पारी खेली, जबकि दासुन शनाका ने 35 और कमिंडु मेंडिस ने 21 रनों का योगदान दिया। इन पारियों ने श्रीलंका को एक सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाया, लेकिन बांग्लादेश के गेंदबाजों ने उन्हें बड़ा स्कोर बनाने से रोका। खास तौर पर महेदी हसन ने अपनी फिरकी से कमाल दिखाया और 4 विकेट चटकाए। पिच पर स्पिन गेंदबाजों को मदद मिल रही थी, जिसका बांग्लादेश ने पूरा फायदा उठाया।

तंजीद हसन की ताबड़तोड़ पारी

133 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी बांग्लादेश की शुरुआत अच्छी नहीं रही। पहली ही गेंद पर उनका पहला विकेट गिर गया, जिससे दबाव बढ़ गया। लेकिन तंजीद हसन ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए खेल का रुख पलट दिया। तंजीद ने 47 गेंदों में नाबाद 73 रनों की विस्फोटक पारी खेली, जिसमें 6 छक्के और 1 चौका शामिल था। उनकी इस आक्रामक बल्लेबाजी ने श्रीलंकाई गेंदबाजों को बैकफुट पर ला दिया। कप्तान लिटन दास ने 32 और तौहीद हृदोय ने नाबाद 27 रनों की महत्वपूर्ण पारियां खेलीं, जिसकी बदौलत बांग्लादेश ने 16.3 ओवर में ही लक्ष्य हासिल कर लिया।

सीरीज में शानदार वापसी

सीरीज का पहला मैच श्रीलंका ने जीता था, जिसके बाद बांग्लादेश ने दूसरे मैच में जोरदार वापसी करते हुए सीरीज को 1-1 से बराबर किया। तीसरे मैच में उनकी जीत ने न केवल सीरीज पर कब्जा जमाया, बल्कि एक नया इतिहास भी रचा। इस जीत के सबसे बड़े नायक रहे कप्तान लिटन दास, जिन्होंने सीरीज में 114 रन बनाए और ‘प्लेयर ऑफ द सीरीज’ का पुरस्कार अपने नाम किया। उनकी नेतृत्व क्षमता और बल्लेबाजी ने बांग्लादेश को इस मुकाम तक पहुंचाया।

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