टूर्नामेंट का रोमांच उस मोड़ पर पहुंच गया है जहां हर मैच का नतीजा किसी न किसी टीम की किस्मत तय कर सकता है। नेपाल, ओमान और नामीबिया का सफर तो लीग स्टेज में ही खत्म हो चुका है, लेकिन पांच और टीमों का भविष्य अभी भी अनिश्चितता के बादलों में लिपटा है।
भारत के खिलाफ मिली भारी हार ने पाकिस्तान की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। ग्रुप-ए में तीसरे स्थान पर खड़ी यह टीम अब एक ऐसे मोड़ पर है जहां एक और हार उनके टूर्नामेंट को समाप्त कर सकती है। नेट रन रेट में भी पिछड़ चुकी पाकिस्तानी टीम के पास अब कोई गुंजाइश नहीं बची है।
नीदरलैंड की परीक्षा भारत से
ग्रुप-ए की ही दूसरी टीम नीदरलैंड को आगामी मुकाबले में भारतीय टीम का सामना करना है। लगातार विजयी क्रम में चल रही भारतीय टीम के सामने नीदरलैंड के लिए जीत दर्ज करना बड़ी चुनौती साबित होगी। हार की स्थिति में उनका सुपर-8 में प्रवेश लगभग असंभव हो जाएगा।
आयरलैंड और स्कॉटलैंड की स्थिति नाजुक
ग्रुप-बी में आयरलैंड तीन मुकाबलों में सिर्फ एक जीत के साथ संघर्ष कर रही है। अंक तालिका में पिछड़ने के बाद उनके लिए बचे हुए हर मैच में जीत अनिवार्य हो गई है। ग्रुप-सी में स्कॉटलैंड भी एक जीत के साथ मुश्किल दौर से गुजर रही है और उन्हें आगामी मैचों में बेहतर प्रदर्शन की सख्त जरूरत है।
अफगानिस्तान का निराशाजनक प्रदर्शन
पिछले संस्करण में सेमीफाइनल में पहुंचकर सबको चौंकाने वाली अफगानिस्तान टीम इस बार अपेक्षाओं पर खरी नहीं उतर पाई है। शुरुआती मैचों में मिली हार ने उनकी राह कठिन बना दी है। अब अगर टीम समय रहते सुधार नहीं करती तो उनका सफर लीग स्टेज में ही समाप्त हो सकता है।
टूर्नामेंट के अगले कुछ दिन इन पांच टीमों के लिए निर्णायक साबित होंगे। हर मुकाबला अब करो या मरो जैसा बन चुका है और छोटी सी चूक भी किसी टीम को टूर्नामेंट से बाहर का रास्ता दिखा सकती है।





