चैत्र नवरात्रि का नाम आते ही देशभर में भक्ति का माहौल बन जाता है। लोग परिवार के साथ माता के दर्शन की योजना महीनों पहले बना लेते हैं। इस बार भी कुछ ऐसा ही हुआ, लेकिन इस बार एक बड़ी समस्या सामने आ गई ट्रेनों में सीटें पहले ही भर गईं।
यात्रियों ने जैसे ही एडवांस रिजर्वेशन खुला, तुरंत टिकट बुक कर लिए। अब हालात ऐसे हैं कि जिन लोगों ने देर की, उन्हें कंफर्म सीट मिलना मुश्किल हो गया है। कई प्रमुख ट्रेनों में “नो-रूम” की स्थिति बन चुकी है और लंबी वेटिंग लिस्ट यात्रियों की परेशानी बढ़ा रही है।
वैष्णो देवी यात्रा के लिए बढ़ी भीड़, ट्रेनों में कंफर्म सीट गायब
जम्मू-कश्मीर के कटरा स्थित पवित्र तीर्थ वैष्णो देवी हर साल नवरात्रि में लाखों श्रद्धालुओं को आकर्षित करता है। इस बार भी भक्तों का उत्साह कम नहीं है। रेलवे स्टेशनों पर पूछताछ बढ़ गई है और लोग किसी भी तरह कंफर्म टिकट पाने की कोशिश कर रहे हैं।
मध्य भारत से बड़ी संख्या में यात्री यात्रा पर निकलते हैं। खासतौर पर ग्वालियर से जाने वाले श्रद्धालु लंबी दूरी की ट्रेनों पर निर्भर रहते हैं। लेकिन अभी स्थिति यह है कि स्लीपर से लेकर एसी कोच तक लगभग सभी श्रेणियों में सीटें फुल हो चुकी हैं।
यात्रियों के अनुसार, कई ट्रेनों में वेटिंग लिस्ट 100 से भी ऊपर पहुंच गई है। ऐसे में परिवार के साथ यात्रा की योजना बना रहे लोगों को चिंता सता रही है कि क्या वे समय पर दर्शन कर पाएंगे।
दिल्ली-जम्मू रूट पर भी टिकटों की भारी किल्लत
कई यात्री सीधे ट्रेन न मिलने पर पहले दिल्ली पहुंचकर वहां से आगे का सफर तय करने की योजना बनाते हैं। लेकिन इस बार यह विकल्प भी आसान नहीं रहा। दिल्ली से जम्मू जाने वाली ट्रेनों में भी सीटों की स्थिति बेहद खराब है। लगभग सभी प्रमुख ट्रेनों में नो-रूम या लंबी वेटिंग दिखाई दे रही है। रेलवे के अनुसार, नवरात्रि के दौरान हर साल यात्रियों की संख्या अचानक बढ़ जाती है, लेकिन इस बार एडवांस बुकिंग पहले ही भर गई। कई यात्री अब बस या निजी वाहनों से यात्रा करने पर भी विचार कर रहे हैं, लेकिन लंबी दूरी और खर्च की वजह से यह विकल्प सभी के लिए संभव नहीं है।
अन्य देवी स्थलों की यात्रा भी प्रभावित
नवरात्रि के दौरान सिर्फ वैष्णो देवी ही नहीं, बल्कि हिमाचल और मध्य प्रदेश के कई प्रसिद्ध देवी स्थलों पर भी श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ती है। हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा स्थित मंदिरों में भी दर्शन के लिए बड़ी संख्या में लोग जाते हैं।
इसी तरह ज्वाला देवी मंदिर और मध्य प्रदेश के मैहर माता मंदिर जाने वाली ट्रेनों में भी कंफर्म सीट मिलना मुश्किल हो गया है। कई यात्रियों ने बताया कि वे पहले वैष्णो देवी नहीं जा पाए, तो अन्य देवी स्थलों की योजना बना रहे थे, लेकिन वहां भी टिकट मिलना कठिन हो गया है। इसका असर यह है कि रेलवे स्टेशनों पर पूछताछ बढ़ गई है और यात्रा एजेंटों के पास भी टिकट के लिए भीड़ देखी जा रही है।
तत्काल और वीआईपी कोटे पर टिकी यात्रियों की उम्मीद
अब अधिकांश यात्रियों के पास तत्काल टिकट ही अंतिम विकल्प बचा है। हर सुबह तत्काल बुकिंग खुलते ही लोग टिकट बुक करने के लिए मोबाइल और कंप्यूटर पर तैयार बैठे रहते हैं।
कुछ यात्री इमरजेंसी और वीआईपी कोटे से टिकट पाने की कोशिश भी कर रहे हैं। हालांकि यह सभी को उपलब्ध नहीं होता, इसलिए अधिकांश लोगों को वेटिंग टिकट पर ही निर्भर रहना पड़ रहा है।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए अतिरिक्त ट्रेनों या कोच लगाने पर भी विचार किया जा सकता है, लेकिन फिलहाल कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।





