विजय हजारे ट्रॉफी के सेमीफाइनल में सौराष्ट्र के सलामी बल्लेबाज विश्वराज जडेजा ने अपने करियर की एक यादगार पारी खेलते हुए टीम को फाइनल में पहुंचा दिया है। पंजाब के खिलाफ 292 रनों के विशाल लक्ष्य का पीछा करते हुए जडेजा ने 165 रनों की नाबाद पारी खेली, जिससे सौराष्ट्र ने मुकाबला आसानी से अपने नाम कर लिया।
इस अहम मुकाबले में पंजाब ने पहले बल्लेबाजी करते हुए एक मजबूत स्कोर खड़ा किया था, लेकिन जडेजा के इरादे कुछ और ही थे। उन्होंने शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाया और पंजाब के गेंदबाजों को कोई मौका नहीं दिया। इस जीत के साथ सौराष्ट्र ने 2022-23 सीजन के बाद एक बार फिर इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट के फाइनल में प्रवेश किया है।
शतकीय साझेदारी ने रखी जीत की नींव
बड़े लक्ष्य का पीछा करने उतरी सौराष्ट्र को एक मजबूत शुरुआत की जरूरत थी। विश्वराज जडेजा ने कप्तान हार्विक देसाई के साथ मिलकर यह काम बखूबी किया। दोनों ने पहले विकेट के लिए 172 रनों की शानदार साझेदारी की, जिसने मैच का रुख सौराष्ट्र की तरफ मोड़ दिया। देसाई के आउट होने के बाद भी जडेजा ने रन गति कम नहीं होने दी।
इसके बाद उन्होंने प्रेरक मांकड़ के साथ मिलकर एक और शतकीय साझेदारी निभाई और टीम को जीत की दहलीज तक पहुंचा दिया। उनकी बल्लेबाजी में आक्रामकता और सूझबूझ का बेहतरीन तालमेल दिखा।
आंकड़ों में जडेजा की तूफानी पारी
विश्वराज जडेजा ने अपनी नाबाद 165 रनों की पारी महज 127 गेंदों में पूरी की। इस दौरान उन्होंने 18 चौके और 3 गगनचुंबी छक्के लगाए। उनका स्ट्राइक रेट 129 से भी ऊपर रहा, जो उनकी तेजतर्रार बल्लेबाजी को दर्शाता है। पारी के दौरान जब वह 120 रन पर थे, तब उन्हें एक जीवनदान भी मिला, जिसका उन्होंने पूरा फायदा उठाया और टीम को जीत दिलाकर ही लौटे।
फाइनल में विदर्भ से होगी टक्कर
विश्वराज जडेजा इस पूरे टूर्नामेंट में शानदार फॉर्म में रहे हैं। उन्होंने अब तक 9 मैचों में 67 की औसत से 500 से ज्यादा रन बनाए हैं, जिसमें तीन शतक शामिल हैं। अब सौराष्ट्र का सामना 18 जनवरी को होने वाले फाइनल मुकाबले में विदर्भ से होगा। टीम को उम्मीद होगी कि जडेजा फाइनल में भी अपना यह शानदार फॉर्म जारी रखेंगे।





