इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) सिर्फ चौकों-छक्कों का ही नहीं, बल्कि आग उगलती तेज गेंदों का भी मंच रहा है। जब कोई गेंदबाज 150 किलोमीटर प्रति घंटे से ज्यादा की रफ्तार से गेंद फेंकता है, तो बल्लेबाज के पास सोचने का समय लगभग खत्म हो जाता है। कई गेंदबाजों ने अपनी इसी रफ्तार से न केवल सुर्खियां बटोरीं, बल्कि अपनी टीमों के लिए महत्वपूर्ण विकेट भी हासिल किए।
सवाल उठता है कि इस लीग के इतिहास में रफ्तार का बादशाह कौन है? यह रिकॉर्ड आज भी एक ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाज के नाम दर्ज है, जिसे तोड़ना किसी के लिए भी एक बड़ी चुनौती रही है।
ये भी पढ़ें
शॉन टैट: रफ्तार का वो सौदागर
IPL में सबसे तेज गेंद फेंकने का रिकॉर्ड पूर्व ऑस्ट्रेलियाई तेज गेंदबाज शॉन टैट के नाम है। उन्होंने 2011 में राजस्थान रॉयल्स के लिए खेलते हुए दिल्ली डेयरडेविल्स (अब दिल्ली कैपिटल्स) के खिलाफ 157.7 किलोमीटर प्रति घंटे की अविश्वसनीय गति से गेंद फेंकी थी। भले ही उस गेंद पर विकेट न मिला हो, लेकिन इसने एक ऐसा मानक स्थापित कर दिया जो आज तक कायम है।
टॉप 5 में कौन-कौन शामिल?
इस प्रतिष्ठित सूची में दुनिया के कई दिग्गज तेज गेंदबाज शामिल हैं, जिन्होंने अपनी गति से दर्शकों को हैरान किया है।
1. शॉन टैट (Shaun Tait): 157.7 किमी/घंटा (राजस्थान रॉयल्स बनाम दिल्ली डेयरडेविल्स, 2011)
2. लॉकी फर्ग्यूसन (Lockie Ferguson): 157.3 किमी/घंटा (गुजरात टाइटंस बनाम राजस्थान रॉयल्स, 2022)। न्यूजीलैंड के इस तेज गेंदबाज ने फाइनल मुकाबले में यह कारनामा किया था, जो उनकी टीम की जीत में अहम साबित हुआ।
3. उमरान मलिक (Umran Malik): 157.0 किमी/घंटा (सनराइजर्स हैदराबाद बनाम दिल्ली कैपिटल्स, 2022)। भारत के युवा सनसनी उमरान मलिक ने अपनी तेज गति से लगातार बल्लेबाजों को परेशान किया और इसी मैच में उन्होंने विकेट भी चटकाए थे।
4. एनरिक नॉर्खिया (Anrich Nortje): 156.2 किमी/घंटा (दिल्ली कैपिटल्स बनाम राजस्थान रॉयल्स, 2020)। दक्षिण अफ्रीका के इस गेंदबाज ने अपनी तेज रफ्तार गेंद पर विकेट लेकर अपनी टीम को महत्वपूर्ण सफलता दिलाई थी।
5. डेल स्टेन (Dale Steyn): 154.4 किमी/घंटा। दक्षिण अफ्रीका के महान गेंदबाज डेल स्टेन भी अपनी तेज गति के लिए जाने जाते थे और उन्होंने कई बार 150 किमी/घंटे का आंकड़ा पार किया।
सिर्फ रफ्तार ही नहीं, सटीकता भी जरूरी
ये आंकड़े दिखाते हैं कि IPL में तेज गेंदबाजी का स्तर कितना ऊंचा रहा है। हालांकि, सिर्फ रफ्तार ही सफलता की गारंटी नहीं है। इन गेंदबाजों ने अपनी गति का इस्तेमाल सही लाइन और लेंथ के साथ करके विकेट हासिल किए और अपनी टीमों की जीत में अहम भूमिका निभाई। आने वाले सीजनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या कोई नया गेंदबाज शॉन टैट के इस रिकॉर्ड को तोड़कर इतिहास रच पाता है।