इंडिया ए बनाम इंग्लैंड लायंस सीरीज टेस्ट टीम की तैयारी का हिस्सा है और खिलाड़ियों के फॉर्म को परखने के लिए इसे अहम माना जा रहा है। 6 जून को नॉर्थेम्प्टन में खेले जा रहे दूसरे टेस्ट में यशस्वी जायसवाल से बड़ी उम्मीदें थीं, लेकिन वे सिर्फ 17 रन बनाकर एलबीडब्ल्यू आउट हो गए। खास बात यह रही कि अंपायर के फैसले पर जायसवाल ने मैदान में ही विरोध जताया। उनका यह रिएक्शन सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, जहां फैंस दो हिस्सों में बंट गए हैं कुछ फैसले को सही बता रहे हैं, तो कुछ इसे खराब अंपायरिंग करार दे रहे हैं।

दरअसल हाल ही में आईपीएल 2025 में भी ऐसे कई मामले देखने को मिले थे जहां खिलाड़ी अंपायर के फैसले से नाखुश हो। लेकिन इंटरनेशनल मैच में ऐसे मामले कम ही देखने को मिलते हैं, क्योंकि यहां आईसीसी की कड़ी नजर रहती है और कड़े फैसले भी लिए जाते हैं, अब देखना होगा कि क्या आईसीसी इस मामले में जायसवाल पर कुछ एक्शन लेता है।

यशस्वी जायसवाल का गुस्सा कैमरे में कैद

दरअसल मैच की शुरुआत में इंडिया ए ने पहले बल्लेबाजी की, जिसमें ओपनिंग के लिए यशस्वी जायसवाल और केएल राहुल की जोड़ी उतरी। शुरू में दोनों ने संभलकर खेला, लेकिन 26 गेंदों पर 17 रन बनाकर जायसवाल क्रिस वोक्स की गेंद पर एलबीडब्ल्यू आउट हो गए। अंपायर ने जब उंगली उठाई, तो जायसवाल तुरंत पिच पर ही ठिठक गए और अंपायर की ओर घूरते रहे। उन्होंने कुछ सेकंड तक क्रीज नहीं छोड़ी और अपनी नाखुशी चेहरे से साफ जाहिर की। फिर उन्होंने गुस्से में धीरे-धीरे पवेलियन की ओर कदम बढ़ाए। यह पूरा वाकया कैमरे में रिकॉर्ड हुआ और अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। कई यूजर्स ने इस पर प्रतिक्रिया दी है, कुछ ने अंपायरिंग पर सवाल उठाया तो कुछ ने खिलाड़ियों से ‘संयम’ रखने की सलाह दी।

भारत बनाम इंग्लैंड टेस्ट सीरीज से पहले जायसवाल का फॉर्म अहम

बता दें कि 20 जून से शुरू होने जा रही भारत-इंग्लैंड टेस्ट सीरीज में यशस्वी जायसवाल पर काफी जिम्मेदारी रहेगी। इंग्लैंड की तेज और स्विंग गेंदबाजी के सामने एक बाएं हाथ के ओपनर के तौर पर उनकी भूमिका बड़ी होगी। जायसवाल ने पिछले कुछ महीनों में लगातार अच्छा प्रदर्शन किया है और ऑस्ट्रेलिया दौरे पर भी वह छाए रहे थे। लेकिन इंग्लैंड की परिस्थितियां अलग होंगी जहां गेंद स्विंग होती है और पिचें बल्लेबाजों को ज्यादा मदद नहीं देतीं। इसलिए, यह देखना दिलचस्प होगा कि जायसवाल कैसे खुद को ढालते हैं। इंडिया ए के इन मैचों को इसी तैयारी का हिस्सा माना जा रहा है। कोचिंग स्टाफ की भी नजर इस पर होगी कि कौन सा खिलाड़ी टेस्ट सीरीज में टॉप ऑर्डर में स्थायी भूमिका निभाने के लिए तैयार है। अगर जायसवाल शुरुआती मुकाबलों में अच्छा प्रदर्शन करते हैं, तो यह न सिर्फ उनके आत्मविश्वास को बढ़ाएगा, बल्कि टीम इंडिया को एक मजबूत शुरुआत भी दिला सकता है।