Top 4 MPV: इस साल भारत में इन 4 सस्ती कारों की हुई जमकर बिक्री, लोगों ने लुटाया प्यार, देखें लिस्ट

Top 4 MPV: इस साल भारत में इन 4 सस्ती कारों की हुई जमकर बिक्री, लोगों ने लुटाया प्यार, देखें लिस्ट

Top 4 MPV:ऑटोमोबाइल मार्केट में एमपीवी और एसयूवी का दबदबा बढ़ता जा रहा है। भारत में भी इनकी बिक्री बढ़ रही है। दरअसल, इन कारों में आसानी से 5 से 7 लोग बैठकर सफर कर सकते हैं। इसलिए अन्य मॉडल की तुलना में इन्हें ज्यादा पसंद किया जा रहा। इस साल भी MPV की बिक्री के आँकड़े अधिक देखे गए। लेकन इनमें से 5 कारों पर लोगों ने ज्यादा प्यार लुटाया। आइए जानें जानते हैं इन वाहनों के बारे में।

Maruti Ertiga

भारतीयों को मारुति की एमपीवी काफी पसंद आई। जिसमें सबसे ज्यादा बिक्री Maruti Ertiga की हुई है। इसे देश में काफी अच्छा रिस्पॉन्स मिला। अब तक इसकी 1215441 यूनिट्स डिलिवर की जा चुकी है। पेट्रोल और सीएनजी दोनों ही मॉडल उपलब्ध हैं। इसकी एक्स शोरूम कीमत 8.41 लाख रुपये से लेकर 12.79 लाख रुपये है। वहीं मारुति एक्सएल की बिक्री भी इस साल अच्छी रही।

 किया कैरेन्स के 50 हजार से अधिक यूनिट्स डिलीवर

Kia Carens को भी लोगों ने बहुत पसंद किया। इस साल कुल 59561 यूनिट्स की डिलीवरी हुई है। इसके पेट्रोल और सीएनजी दोनों ही मॉडल मिलते हैं। कार की शुरुआती कीमत एक्स शोरूम 9.99 लाख रुपये है।

Toyota की यह कार बनी सबकी पसंद

भारत में Toyota Innova Cresta को लोगों का बहुत प्यार मिला। थोड़ी महंगी होने के बाद भी इसका कारोबार अच्छा रहा है। रिपोर्ट के मूतबिक अब तक कुल 56533 यूनिट्स की बिक्री हो चुकी है।

Renault Triber का कारोबार भी रहा अच्छा

इस कार की कीमत बहुत कम है। साथ ही एमपीवी में फीचर्स भी कमाल के मिलते है। इस साल भारत में इसे भी बहुत पसंद किया गया। कई अच्छे फीचर्स भी मिलते हैं। मेडिस रिपोर्ट्स के मुताबिक कंपनी के तरफ से कुल 31751 यूनिट्स को डिलिवर किया गया।

Manisha Kumari Pandey
लेखक के बारे में
पत्रकारिता जनकल्याण का माध्यम है। एक पत्रकार का काम नई जानकारी को उजागर करना और उस जानकारी को एक संदर्भ में रखना है। ताकि उस जानकारी का इस्तेमाल मानव की स्थिति को सुधारने में हो सकें। देश और दुनिया धीरे–धीरे बदल रही है। आधुनिक जनसंपर्क का विस्तार भी हो रहा है। लेकिन एक पत्रकार का किरदार वैसा ही जैसे आजादी के पहले था। समाज के मुद्दों को समाज तक पहुंचाना। स्वयं के लाभ को न देख सेवा को प्राथमिकता देना यही पत्रकारिता है। अच्छी पत्रकारिता बेहतर दुनिया बनाने की क्षमता रखती है। इसलिए भारतीय संविधान में पत्रकारिता को चौथा स्तंभ बताया गया है। हेनरी ल्यूस ने कहा है, " प्रकाशन एक व्यवसाय है, लेकिन पत्रकारिता कभी व्यवसाय नहीं थी और आज भी नहीं है और न ही यह कोई पेशा है।" पत्रकारिता समाजसेवा है और मुझे गर्व है कि "मैं एक पत्रकार हूं।" View all posts by Manisha Kumari Pandey →
Follow Us :GoogleNews