Twitter पर आया नया फीचर, भारत में शुरू हुआ ब्लू टिक सब्स्क्रिप्शन, हर महीने लगेगा चार्ज, पढ़े पूरी खबर

Twitter पर आया नया फीचर, भारत में शुरू हुआ ब्लू टिक सब्स्क्रिप्शन, हर महीने लगेगा चार्ज, पढ़े पूरी खबर

Twitter Blue Tick Subscription: भारत में ट्विटर का ब्लू टिक सब्स्क्रिप्शन शुरू हो चुकी है। इसी के साथ कंपनी ने वॉर्ड्स की लिमिट बढ़ाने की घोषणा भी कर दी है। लंबे समय से इस फीचर का इंतजार हो रहा था। लेकिन अब यूजर्स कॉ फ्री में ब्लू टिक नहीं मिलेगा इसके लिए निर्धारित चार्ज का भुगतान करना होगा। अब तक कुछ गिने-चुने देशों में यह सुविधा शुरू की गई है, जिसमें भारत भी शामिल हो चुका है। इसके लिए यूजर्स को हर महीने 900 रुपये का भुगतान करना होगा। बिना किसी झंझट के कोई भी यूजर इसे सबस्क्राइब कर सकता है।

इतना भरना होगा चार्ज

Blue Tick Subscription को एंड्रॉयड और आईफोन दोनों ही प्रकार के यूजर्स के लिए शुरू किया गया। जिसका असर पहले से ब्लू टिक प्राप्त किये गए यूजर्स पर भी होगा। अब तक यह सुविधा जापान, न्यूजीलैंड, यूके, यूएस, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, सऊदी अरब, जर्मनी, स्पेन, इंडोनेशिया, इटली, फ्रांस, पुर्तगाल और ब्राजील में चल रही थी। अब भारत में भी शुरू हो चुकी हो। यूजर्स को प्रतिमाह 650 रुपये भरने होंगे। वहीं सलाना सब्स्क्रिप्शन के लिए 6800 रुपये निर्धारित किया गया है। बता दें की इसे 90 दिन पुराने अकाउंट वाले यूजर्स ही इसका फायदा उठाया पाएंगे।

बढ़ाई गई ट्वीट के शब्दों की लिमिट

माइक्रो ब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म पर अब यूजर्स के ट्वीट की वर्ड्स लिमिट बढ़ाई गई है। जहां अभी यूजर्स केवल 280 वॉर्ड्स की ट्वीट कर पाते हैं, अब उसे बढ़ाकर 4000 करने का ऐलान कर दिया गया है। इससे पहले साल 2017 में ट्विटर द्वारा अक्षरों की सीमा बढ़ाई गई थी। ट्वीट की लंबाई 127 शब्दों के बढ़ाकर 280 की गई है।

Manisha Kumari Pandey
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पत्रकारिता जनकल्याण का माध्यम है। एक पत्रकार का काम नई जानकारी को उजागर करना और उस जानकारी को एक संदर्भ में रखना है। ताकि उस जानकारी का इस्तेमाल मानव की स्थिति को सुधारने में हो सकें। देश और दुनिया धीरे–धीरे बदल रही है। आधुनिक जनसंपर्क का विस्तार भी हो रहा है। लेकिन एक पत्रकार का किरदार वैसा ही जैसे आजादी के पहले था। समाज के मुद्दों को समाज तक पहुंचाना। स्वयं के लाभ को न देख सेवा को प्राथमिकता देना यही पत्रकारिता है। अच्छी पत्रकारिता बेहतर दुनिया बनाने की क्षमता रखती है। इसलिए भारतीय संविधान में पत्रकारिता को चौथा स्तंभ बताया गया है। हेनरी ल्यूस ने कहा है, " प्रकाशन एक व्यवसाय है, लेकिन पत्रकारिता कभी व्यवसाय नहीं थी और आज भी नहीं है और न ही यह कोई पेशा है।" पत्रकारिता समाजसेवा है और मुझे गर्व है कि "मैं एक पत्रकार हूं।" View all posts by Manisha Kumari Pandey →
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