WhatsApp के जरिए पेमेंट करना हुआ और भी आसान, बिजनेस के लिए 3 नए फीचर्स लॉन्च, मेटा ने किया ऐलान

WhatsApp के जरिए पेमेंट करना हुआ और भी आसान, बिजनेस के लिए 3 नए फीचर्स लॉन्च, मेटा ने किया ऐलान

WhatsApp Business Features: भारत में करीब 500 मिलियन यूजर्स मेटा के अंतर्गत आने वाले सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म “व्हाट्सऐप” से जुड़े हैं। शुरुआत में व्हाट्सऐप केवल मैसेजिंग और कॉलिंग ऐप था। लेकिन अब प्लेटफ़ॉर्म पर नए-नए अपडेट्स आ रहे हैं। पहले से व्हाट्सऐप पेमेंट की सुविधा उपलब्ध है। लेकिन अब मार्क ज़ुकरबर्ग ने बिजनेस के लिए एक नहीं तीन-तीन टूल्स लॉन्च कर दिए हैं। जिसकी मदद से यूजर्स पेटीएम और गूगल पे की तरह व्हाट्सऐप से वित्तीय लेनदेन और बिजनेस कर पाएंगे। व्हाट्सऐप के तीन नए बिजनेस टूल्स हैं: फ़्लो, पेमेंट्स और मेटा वेरफाइड।

फ़्लो फीचर के फायदे

Flow फीचर के तहत बिजनेस को चैट के भीतर ही समृद्ध मेन्यू और फॉर्म बनाने की अनुमति देता है। इसकी मदद से यूजर्स चैटिंग के साथ-साथ बिजनेस से जुड़े कार्य भी कर पाएंगे। इसका इस्तेमाल करने उपभोक्ता बिना चैटबॉक्स को छोड़े अपने रेस्तरां से फूड ऑर्डर कर सकते हैं। इसके इस्तेमाल से एयरलाइन चेक इन और नया बैंक अकाउंट खुलने के लिए बैंकों के साथ अपॉइंटमेंट भी बुक कर सकते हैं।

पेमेंट फीचर के बारे

Payment फीचर के तहत चैट के दौरान आसानी से कोई भी चीज खरीदी जा सकती है । यूजर्स अपने कार्ट में चीजों को जोड़ कर और अपने पसंद के मेथड से पेमेंट कर सकते हैं। फिलहाल, डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड, यूपीआई इत्यादि पेमेंट ऑप्शन उपलब्ध होंगे।

क्या है मेटा वेरीफाइड फीचर?

इस लिस्ट के आखिरी में आता है “Meta Verified” फीचर, इस फीचर को ऐप पर सिक्योरिटी बरकरार रखने के लिए बनाया गया है। मेटा द्वारा व्यवसायों का वेरीफिकेशन किया जाएगा, जिसे बाद उन्हें एक वेरीफाइड बैज मिलेगा। ताकि यूजर्स फ्रॉड को पहचान कर सकें। इतना ही नहीं यह फीचर व्हाट्सऐप पेज बनाने की अनुमति देगा, जिसे आसानी से कोई भी वेब सर्च के जरिए ढूंढ पाएगा।

Manisha Kumari Pandey
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पत्रकारिता जनकल्याण का माध्यम है। एक पत्रकार का काम नई जानकारी को उजागर करना और उस जानकारी को एक संदर्भ में रखना है। ताकि उस जानकारी का इस्तेमाल मानव की स्थिति को सुधारने में हो सकें। देश और दुनिया धीरे–धीरे बदल रही है। आधुनिक जनसंपर्क का विस्तार भी हो रहा है। लेकिन एक पत्रकार का किरदार वैसा ही जैसे आजादी के पहले था। समाज के मुद्दों को समाज तक पहुंचाना। स्वयं के लाभ को न देख सेवा को प्राथमिकता देना यही पत्रकारिता है। अच्छी पत्रकारिता बेहतर दुनिया बनाने की क्षमता रखती है। इसलिए भारतीय संविधान में पत्रकारिता को चौथा स्तंभ बताया गया है। हेनरी ल्यूस ने कहा है, " प्रकाशन एक व्यवसाय है, लेकिन पत्रकारिता कभी व्यवसाय नहीं थी और आज भी नहीं है और न ही यह कोई पेशा है।" पत्रकारिता समाजसेवा है और मुझे गर्व है कि "मैं एक पत्रकार हूं।" View all posts by Manisha Kumari Pandey →
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