लोन की दूसरी किश्त निकालने मांगी रिश्वत, बैंक अधिकारी और चपरासी रंगेहाथ पकड़ाए

लोन की दूसरी किश्त निकालने मांगी रिश्वत, बैंक अधिकारी और चपरासी रंगेहाथ पकड़ाए

टीकमगढ़, आमिर खान| मध्य प्रदेश (MadhyaPradesh) के टीकमगढ़ (Tikamgarh) जिल में लोकायुक्त पुलिस (Lokayukt Police) ने आज एक बैंक अधिकारी और चपरासी को रिश्वत (Bribe) लेते रंगेहाथ गिरफ्तार किया है| अन्तव्यवसायी योजना के तहत स्वीकृत लोन की दूसरी किस्त निकालने के एवज में यह रिश्वत ली गई थी|

जानकारी के मुताबिक, लोकायुक्त की टीम ने शुक्रवार को स्टेट बैंक दिगौड़ा के फील्ड आफिस महेंद्र सिंह मीणा तथा चपरासी राकेश केवट निवासी नदी धेरक दिगौड़ा को 10000 रुपए की रिश्वत लेते हुए पकड़ा है| देवेंद्र कुमार अहिरवार निवासी ग्राम राजेन्द्र नगर तहसील मोहनगढ़ से फील्ड आफीसर महेंद्र सिंह मीणा ने लोन की दूसरी क़िस्त दो लाख रुपये निकालने के एवज में दस हजार रुपए की रिश्वत की मांगी थी, जिसकी शिकायत देवेंद्र ने लोकायुक्त से की।

जिसके बाद लोकायुक्त टीम ने अपना जाल बिछाते हुए शुक्रवार को रिश्वतखोर फील्ड ऑफिसर महेंद्र सिंह मीणा और बैंक के चपरासी राकेश केवट को रिश्वत की रकम के साथ रंगेे हाथों पकड़ने मेंं सफलता हासिल की।

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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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