कोरोना के चलते रामराजा सरकार के दर्शनों पर लगा प्रतिबंध

कोरोना के चलते रामराजा सरकार के दर्शनों पर लगा प्रतिबंध

मयंक दुबे।ओरछा,टीकमगढ।

कोरोना वायरस के संक्रमण के मद्देनज़र भगवान श्री राम राजा सरकार के दर्शन अब दर्शनार्थी नही कर पायेंगे। ज़िला प्रशासन ने आज मंगलवार की शाम से यहां आने वाले श्रद्धालुओं के मंदिर के अंदर प्रवेश को पूरी तरह से किया प्रतिबंधित कर दिया है। जबकि मंदिर में पुजारियों द्वारा पूर्व की भांति पूजा अर्चना जारी रहेगी। ज़िला कलेक्टर की माने तो 30 मार्च तक यह प्रतिबंध जारी रहेगा और उसके बाद आमजनो से बातचीत के बाद इसे बढ़ाया भी जा सकता है। ऐसे में रोज़ाना राम राजा के दरवार में आने वाले श्रद्धालुओं को उनके दर्शन न मिल पाने से भक्तों में मायूसी है।

कलेक्टर का कहना है कि कोरोना वायरस के चलते मंदिर में आम श्रद्धालुओं के प्रवेश पर रोक लगाई गई है जबकि प्रतिबंध के बावजूद मन्दिर के अंदर पुजारियो के द्वारा भगवान राम राजा की पूजा अर्चना व आरती रोज़ाना की तरह होगी, केवल आमजन इसमे शामिल नही हो सकेंगे। आपको बता दे कि ओरछा भगवान श्रीराम का देश में एकमात्र ऐसा मन्दिर है जहां वह न केवल राजा के रूप में पूजे जाते है। बल्कि उन्हें प्रतिदिन पांचो पहर सरकारी पुलिस जवानों द्वारा गार्ड ऑफ ऑनर दिया जाता है। साथ ही किसी भी विशिष्ट व अतिविशिष्ट व्यक्ति को यहां गार्ड ऑफ ऑनर नही दिया जाता, सिवाए भगवान श्रीराम के।

Gaurav Sharma
लेखक के बारे में
Gaurav Sharma

निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
Follow Us :GoogleNews