उज्जैन में 8 तक पहुंचा आंकड़ा, मृतक महिला की कोरोना रिपोर्ट आयी पज़िटिव

उज्जैन में 8 तक पहुंचा आंकड़ा, मृतक महिला की कोरोना रिपोर्ट आयी पज़िटिव

अर्पण कुमार@उज्जैन
उज्जैन के दानी गेट निवासी लक्ष्मी बाई पति अशोक आयु 55 वर्ष की मृत्यु 3 अप्रैल को सॉस लेने में तकलीफ के कारण हुई थी । उक्त महिला की रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आई है । जिले में संक्रमितों की संख्या आठ हो गई है|

कलेक्टर शशांक मिश्र ने बताया कि उक्त मृतक महिला के संपर्क में जो भी व्यक्ति रहा हो वह सबसे पहले स्वास्थ्य विभाग को अथवा टोल फ्री नंबर 104 पर फोन कर सूचित करें तथा स्वयं को होम आइसोलेशन में रखें । होम आइसोलेशन अर्थात घर में रहकर परिवार के अन्य लोगों के संपर्क में न रहें एवं अलग से किसी एक कमरे में रह कर रहे । साथ ही सर्दी ,खांसी ,बुखार अथवा कोरोनावायरस के लक्षण पाए जाने पर तुरंत 104 नंबर पर सूचित करें अथवा स्वास्थ्य विभाग से संपर्क करें ।
मृतका लक्ष्मी बाई की रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद दानी गेट को जीवाजी गंज पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की टीम ने आइसोलेट कर दिया है जूना सोमवारिया से काली का मंदिर शमशान के गेट से दानी गेट तक पूर्व पार्षद भावसार की होटल तक पूरा क्षेत्र सील कर दिया गया है यहां पर नगर निगम की टीम ने सैनिटाइजर का छिड़काव किया वहीं स्वास्थ्य विभाग की टीम भी पहुंच गई है और टीम के सदस्यों ने वहां रहने वाले लक्ष्मीबाई के परिवार के लोगों का सैंपल लेना शुरू कर दिया है कुछ लोगों को एंबुलेंस 108 से माधव नगर अस्पताल पहुंचाया गया है ।

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पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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